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नई दिल्ली, 26 मई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को चार प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की भुगतान प्रणाली को मजबूत बनाने पर चर्चा की। बैठक में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पुनर्मूल्यांकन, उत्तर पुस्तिकाओं की फोटो कॉपी प्राप्त करने और परीक्षा परिणाम के बाद की अन्य शुल्क आधारित सेवाओं के लिए छात्रों को एक मजबूत, भरोसेमंद और छात्र हितैषी भुगतान व्यवस्था उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने बैंकों को कहा कि वे सीबीएसई के साथ मिलकर ऐसी भुगतान प्रणाली विकसित करें, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके, भुगतान संबंधी समस्याओं का तुरंत समाधान हो और अतिरिक्त या विफल भुगतान की स्थिति में स्वतः रिफंड की सुविधा उपलब्ध हो।
प्रधान ने कहा कि भुगतान गेटवे प्रणाली को उन्नत तकनीकी सुरक्षा, रियल टाइम निगरानी और तेज शिकायत निवारण तंत्र के जरिए मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में छात्रों को तकनीकी दिक्कतों या भुगतान विफलता जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। प्रधान ने वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इस पहल को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में छात्रों को किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत या पेमेंट फेल होने की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने बैंकों से अपील की कि वे सुचारू, सुरक्षित और कुशल डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित करें।
बैठक में शामिल चारों बैंकों ने सीबीएसई को पूर्ण सहयोग देने और जल्द से जल्द तकनीकी उन्नयन तथा बेहतर प्रोटोकॉल लागू करने का आश्वासन दिया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 24 मई को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ भी सीबीएसई के पोस्ट रिजल्ट और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को आई भुगतान और तकनीकी समस्याओं पर चर्चा की थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार