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हमीरपुर, 26 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने मंगलवार को जनपद में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुरक्षित बनाए जाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाना एवं आमजन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए अवैध, बिना फिटनेस एवं ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बिना परमिट एवं बिना फिटनेस संचालित स्कूल बसों तथा अवैध बस स्टैंडों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। परिवहन विभाग, पुलिस एवं नगर निकाय संयुक्त रूप से ऐसे स्थलों की पहचान कर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करें। ओवरलोडिंग रोकने के लिए खदान गेटों पर प्रणाली स्थापित करने और वाहनों की चरणबद्ध निकासी व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि एक साथ भारी संख्या में ट्रकों के निकलने से जाम एवं दुर्घटनाओं की स्थिति उत्पन्न न हो।
राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर प्रतिदिन लगभग सात हजार से 7500 छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं तथा वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध न होने के कारण यातायात दबाव अत्यधिक रहता है। इस स्थिति को देखते हुए खनन क्षेत्रों से वाहनों की नियंत्रित एवं समयबद्ध निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग को सड़क पर खराब एवं परित्यक्त वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने, ट्रकों पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य कराने तथा ड्राइविंग लाइसेंस एवं परमिट संबंधी प्रवर्तन कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों एवं पुलिस प्रशासन को संयुक्त रूप से शहर क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े वाहनों एवं खराब वाहनों को हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने और आवश्यकतानुसार टोइंग वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाने, लोकल इंटेलिजेंस ग्रुप को सक्रिय रखने तथा दर्ज एफआईआर की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 112 वाहनों को दुर्घटना राहत उपकरणों से सुसज्जित करने तथा संयुक्त प्रवर्तन टीमों ने नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा में पाया गया कि वर्ष 2023 में कुल 76 दुर्घटनाओं में 48 व्यक्तियों की मृत्यु एवं 66 लोग घायल हुए थे। वर्ष 2024 में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़कर 88 हो गई, जिनमें 57 लोगों की मृत्यु एवं 78 लोग घायल हुए। वर्ष 2025 में कुल 94 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 68 व्यक्तियों की मृत्यु तथा 86 लोग घायल हुए। वहीं, वर्ष 2026 में 15 मई तक 35 सड़क दुर्घटनाओं में 24 लोगों की मृत्यु एवं 29 लोग घायल हो चुके हैं। विशेष रूप से सुमेरपुर, कोतवाली नगर एवं मौदहा क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किए गए हैं, जहां लगातार विशेष निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं लोक निर्माण विभाग को विभिन्न इंजीनियरिंग सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। एनएच-34 पर स्पीड कैमरे, नो पार्किंग एवं नो ओवरटेकिंग संकेतक, रोड सेफ्टी कैट्स आई, डेलीनेटर, हेड मार्किंग लेटर्स, कन्वेक्स मिरर, स्ट्रीट लाइट एवं क्रैश बैरियर लगाए जाने पर विशेष जोर दिया गया है। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर वहां विशेष सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा