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अजमेर, 25 मई(हि.स.)। भिनाय थाना क्षेत्र के बड़गांव में मनरेगा श्रमिक की संदिग्ध अवस्था में मौत के मामले से गांव में सनसनी फैल गई। श्रमिक की लाश नागोला व केकड़ी रोड से 200 मीटर दूर बीड़ के रास्ते में पड़ी मिली। श्रमिक के गले में फंदे के निशान व हाथ पैर और सिर पर खून आलूदा जख्म थे। आशंका है कि श्रमिक की हत्या कर शव को रास्ते में पटका गया। मौके से श्रमिक की मोटर साइकिल भी बरामद की गई है। मृतक श्रमिक इसी मोटरसाइकिल पर घर से मनरेगा काम पर जाने की बात कहकर निकला था जो देर शाम तक नहीं लौटा तो उसकी तलाश की गई। घटना को लेकर गांव में रोष व्याप्त हो गया। मृतक श्रमिक गुर्जर समाज से था।
भिनाय थानाधिकारी ओम प्रकाश के अनुसार बड़गांव सूरखण्ड निवासी प्रभू गुर्जर ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई देवकरण गुर्जर जिसकी उम्र 35 साल की है वह घर से मनरेगा काम पर जाने की कहकर निकला था। जब वह देर रात नहीं लोटा तो उसकी तलाश की गई। सोमवार सुबह उसका शव नागोला से केकड़ी के रास्ते पर पड़ा पाया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि देवकरण के गले में फांसी का फंदा कसने के निशान है व उसके शरीर पर खून आलूदा चोटे हैं संभव है उसकी किसी ने हत्या की है। थानाधिकारी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा को सूचना दी गई व मौके पर पहुंच कर शव बरामद किया गया एवं भिनाय अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस मामले में अनुसंधान कर रही है।
थानाधिकारी ने बतायाकि इस मामले में परिवारजनों ने रामसिंह, धनराज व गजरा पर हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना को लेकर गुर्जर समाज के लोगों ने अस्पताल के बाहर ढेरा डाल दिया और पूर्व विधायक राकेश पारिक के साथ धरने पर बैठ गए। गुर्जर समाज के लोग आरोपियों को पकड़ने, मृतक के परिवारजन को 1 करोड़ रुपया मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे। डिप्टी एसपी हर्षित शर्मा गुर्जर समाज के लोगों से बातचीत कर समझाईश करने का प्रयास करते रहे। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। हत्या के कारणों का अभी कोई खुलासा नहीं हो सका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष