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अनूपपुर, 25 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में गेहूं उपार्जन में हो रही देरी और बिजली समस्या को लेकर किसानों का आक्रोश फूटा और सड़को पर उतर गये। किसानों ने सोमवार की दोपहर नौतपा के पहले दिन 42 डिग्री तापमान पर अपने हक के लिए लगभग 1 किलोमीटर से अधिक ट्रैक्टर रैली एवं पदयात्रा कर विशाल रैली एवं धरना प्रदर्शन किया।
सरकार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ट्रैक्टरों में गेहूं भरकर पहुंचे किसानों ने सड़क पर धरना देते हुए प्रदेश सरकार, प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। किसानों का साफ कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का ठोस निराकरण नहीं होगा और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक वे धरना समाप्त कर घर वापस नहीं जाएंगे। किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की व्यवस्था, बिजली समस्या, सिंचाई सुविधाओं और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। किसानों का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। इस दौरान इस जाम में मरीज को ले जा रही दोनों तरफ से एंबुलेंस काफी देर तक फंसी रही जिसे धीरे-धीरे निकाल कर पहुंचाया गया।
धरना स्थल पर किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई संकट ने खेती को प्रभावित किया है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से भी किसान पहुंचे, जिससे माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया। देशभर में हाल के समय में किसानों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और रैलियां लगातार देखने को मिली हैं।
धरने के दौरान किसान ट्रैक्टरों में गेहूं लेकर उपार्जन की मांग करते रहे कि उनका गेहूं तत्काल खरीदा जाए। किसानों का आरोप था कि हर बार अधिकारियों द्वारा “भोपाल स्तर” का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है, लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ।
मामले की जानकारी लगते ही विद्युत विभाग, खाद्य विभाग, एसडीएम अनूपपुर एवं नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को भोपाल तक पहुंचाकर मुख्यमंत्री स्तर पर चर्चा की जाएगी और जल्द समाधान निकाला जाएगा। हालांकि किसान केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए।
किसानों ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि अब केवल बातें नहीं, बल्कि लिखित में समाधान चाहिए। किसानों ने बिजली संकट को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि खेती के समय केवल 10 घंटे बिजली देकर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। किसानों ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग रखी, लेकिन विद्युत विभाग मौके पर इसका कोई स्पष्ट समाधान नहीं दे पाया।
धरना स्थल पर किसानों और अधिकारियों के बीच देर तक बातचीत चलती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों का कहना था कि जब तक गेहूं खरीदी और बिजली समस्या पर ठोस निर्णय नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
चार घंटे लगा जाम
उपार्जन को लेकर किसानों के साथ हो रही समस्या में कहीं पंजीयन ना होना स्लॉट बुक ना होना व गेहूं की सरकारी दर पर खरीदी न होने और 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर किसान सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारी किसानों ने ट्रैक्टर अंडर ब्रिज तिराहे मे सड़क पर लगाकर करीब चार घंटे तक यातायात बाधित किया।
प्रमुख मांगें
गेहूं उपार्जन जिन किसानों का पंजीयन नहीं है और पंजीयन होने के बाद जिन किसानों का स्लॉट बुक नहीं हो रहा है उनका सरकारी समर्थन मूल्य पर तत्काल खरीदी शुरू की जाए। बिजली आपूर्ति- 10 घंटे की जगह 24 घंटे निर्बाध बिजली तत्काल प्रभाव से दी जाए।
कर्ज और बच्चों की स्कूल फीस बनी समस्या
किसानों ने बताया कि गेहूं की खरीदी न होने के कारण उनके बच्चों की स्कूल-कॉलेज फीस तक जमा नहीं हो पाई। ऊपर जो भी कर्ज हैं उसको माफ किया जाए क्योंकि गेहूं खरीदी ना होने से बैंक का ब्याज लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देकर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन किसानों ने साफ कहा हम बार-बार आश्वासन नहीं लेंगे, आज ही समस्या का निराकरण चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला