Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नई दिल्ली, 21 मई (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला पदक’ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्मानित किए जाने को प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरवशाली क्षण बताया है।
चौहान ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट में खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, गरीबी कम करने, कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने तथा दुनिया से भुखमरी समाप्त करने के लिए किए गए उनके प्रयासों के लिए मिला है। आज पूरी दुनिया भारत के इन प्रयासों को सराह रही है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत के परिश्रमी किसानों के पसीने का, हमारी माटी के सामर्थ्य का और पूरे हिंदुस्तान के बढ़ते वैश्विक मान का साक्षात प्रमाण है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने कृषि उत्पादन बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, करोड़ों किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और प्राकृतिक खेती जैसे जनहितकारी प्रयासों से पूरी दुनिया के सामने एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। आज सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में भारत दुनिया का मार्गदर्शक बनकर उभरा है।
कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना महामारी के भीषण संकट के बाद से लगभग 80 करोड़ लोगों को दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कवच प्रदान करना, करोड़ों किसानों को 'किसान सम्मान निधि' के माध्यम से संबल देना और हमारी जी20 अध्यक्षता के दौरान कृषि-खाद्य प्रणालियों को वैश्विक एजेंडे में प्रमुखता से लाना, प्रधानमंत्री के इसी विजनरी नेतृत्व का कमाल है। एफएओ ने इस अटूट संकल्प और भारत की क्रांतिकारी फ्लैगशिप पहलों के व्यापक प्रभाव की सराहना की है। यह नए भारत की उस बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जहां दुनिया भारत की नीतियों, नेतृत्व और मानवीय दृष्टि को सम्मान से देख रही है।
उल्लेखनीय है कि खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और ग्रामीण विकास में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें एफएओ ने प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला पदक’ से सम्मानित किया। पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण के तहत मंगलवार रात इटली पहुंचे मोदी ने रोम में संयुक्त राष्ट्र के एफएओ मुख्यालय में एफएओ महानिदेशक डॉ. के. डोंग्यू से यह पुरस्कार ग्रहण किया था।
-------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी