पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय पंहुचे एनआईटी पुडुचेरी के विद्यार्थी, जाना कृषि विरासत का महत्व
धर्मशाला, 21 मई (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में गुरुवार को “एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम” चरण-6 कार्यक्रम के अंतर्गत एनआईटी पुडुचेरी से आए छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को भ्रमण करवाया गया। इस प्रतिनिधिमंडल म
कृषि विश्वविद्यालय में एनआईटी पुडुचेरी के विद्यार्थी।


धर्मशाला, 21 मई (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में गुरुवार को “एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम” चरण-6 कार्यक्रम के अंतर्गत एनआईटी पुडुचेरी से आए छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को भ्रमण करवाया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में एनआईटी पुडुचेरी के 60 विद्यार्थी एवं सात संकाय सदस्य तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के तीन संकाय सदस्य शामिल थे। इस भ्रमण का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. पांडा के साथ संवाद किया। कुलपति ने सतत कृषि, ग्रामीण विकास तथा युवाओं के कौशल विकास में कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि नवाचारों एवं राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डा विनोद शर्मा के साथ भी संवादात्मक सत्र में भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न प्रसार शिक्षा कार्यक्रमों, किसानोन्मुख गतिविधियों तथा कृषक समुदाय के कल्याण हेतु चलाए जा रहे प्रसार कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की गई।

तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. लव भूषण ने कार्यक्रम का समन्वयन किया तथा प्रतिनिधिमंडल को विश्वविद्यालय की प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को किसानों एवं ग्रामीण युवाओं के हित में विश्वविद्यालय द्वारा प्रोत्साहित विभिन्न तकनीकों एवं नवाचारों की जानकारी दी।

शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक संग्रहालय का भी अवलोकन किया, जहां उन्हें कृषि विरासत, वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक संसाधनों से परिचित कराया गया। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित “हुनर हाट” का भी भ्रमण किया, जहां स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली उद्यमशील गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया