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धर्मशाला, 21 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में “विश्व पर्यावरण दिवस-2026” एवं “अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस-2026” के उपलक्ष्य पर आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मलेन का वीरवार को शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय विश्वविद्यालय के शाहपुर परिसर में किया जा रहा है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. एसपी. बंसल ने बतौर मुख्यअतिथि अपने संबोधन में हिमालय क्षेत्र में पर्यावरणीय विषयों जैसे जलवायु परिवर्तन, अवैज्ञानिक निर्माण, हीट वेव, ग्लोबल वार्मिंग, आपदा प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने इन विषयों पर शोध को समाज केंद्रित करने पर ज़ोर दिया। वहीं अधिष्ठाता, प्रो. पंत ने अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आए सभी अतिथियों का स्वागत किया व अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के हेतु एवं महत्व पर चर्चा की।
यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन पर्यावरणीय स्थिरता, जैव विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन जैसे समकालीन वैश्विक विषयों पर ज्ञान, शोध एवं नवाचार के आदान-प्रदान हेतु एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों की सहभागिता रहेगी।
इस मौके पर डॉ. अनिल कुमार पूनिया (निदेशक राष्ट्रीय कैमल रिसर्च इंस्टीट्यूट बीकानेर), प्रो. दीपक पंत (अधिष्ठाता, पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान स्कूल), डॉ. नवनीत शर्मा (आईआईटी दिल्ली), डॉ लखवीर सिंह (सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी), प्रो. बी.सी. चौहान (परिसर निदेशक), प्रो. युवराज नेगी व पृथ्वी एवं पर्यावरण स्कूल के प्राध्यापक, विद्यार्थी व शोधार्थी उपथित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया