खूंटी में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य, घबराकर न करें खरीदारी : उपायुक्त
खूंटी, 21 मई (हि.स.)। जिले में पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर गुरुवार को उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर ईंध
समीक्षा


खूंटी, 21 मई (हि.स.)। जिले में पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर गुरुवार को उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर ईंधन की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि जिले में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। ऐसे में पेट्रोल पंप संचालकों और आम लोगों को किसी प्रकार की घबराहट या अफवाह में आने की जरूरत नहीं है।

उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने पेट्रोल पंप संचालकों से अपील की कि वे सामान्य रूप से ईंधन की आपूर्ति बनाए रखें, ताकि आमजनों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और लोग केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन की खरीदारी करें।

उन्होंने आमजनों से पैनिक होकर तेल की खरीदारी नहीं करने की अपील की। साथ ही जमाखोरी करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को थाना प्रशासन के सहयोग से छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके अलावा सभी पेट्रोल पंपों के लिए नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जेनसेट सहित अन्य आवश्यक उपकरणों के लिए पेट्रोल या डीजल ले जाते समय पेसो (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) से अनुमोदित जेरीकेन का उपयोग किया जाए, ताकि तेल के परिवहन के दौरान सुरक्षा बनी रहे और किसी भी आकस्मिक दुर्घटना से बचा जा सके।

इस दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और प्रशासन आमजनों की सुविधा के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है।

बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, डीजीएम आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा