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नई दिल्ली, 21 मई (हि.स.)। दिल्ली हिंसा मामले के आरोपित उमर खालिद ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अंतरिम जमानत याचिका दायर की है। जस्टिस प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता वाली बेंच उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका पर कल यानि 22 मई को सुनवाई करेगा।
उमर खालिद ने कड़कड़डूमा कोर्ट के 19 मई के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। कड़कड़डूमा कोर्ट में उमर खालिद ने अपने चाचा के निधन के बाद चेहलुम और अपनी मां की 2 जून को होने वाली सर्जरी के पहले और बाद में उनके साथ रहने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की थी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा था कि उमर खालिद को पहले भी अंतरिम जमानत मिली थी और उस दौरान उसने जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया था। इसका मतलब ये नहीं है कि हर बार उसे अंतरिम जमानत दी जाए।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा था कि चाचा के चेहलुम में शामिल होना उतना जरुरी नहीं है। उसे चाचा के निधन के समय ही अंतरिम जमानत की मांग करनी चाहिए थी। चाचा के निधन के काफी दिन बीतने के बाद अंतरिम जमानत का कोई मतलब नहीं है। उमर खालिद की मां की सर्जरी पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा था कि उसकी दूसरी बहनें भी हैं जो मां का ख्याल रख सकती हैं। सर्जरी भी साधारण किस्म की है। ऐसे में अंतरिम जमानत याचिका खारिज की जाती है।
कोर्ट ने 11 दिसंबर, 2025 को उमर खालिद को परिवार में एक शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी थी। इससे पहले 5 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उसके बाद 20 अप्रैल को उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी। उमर खालिद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 13 सितंबर, 2020 को गिरफ्तार किया था, तब से वो हिरासत में है।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय--------------------
हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह