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-डीजीपी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
भुवनेश्वर, 21 मई (हि.स.)। आगामी 16 जुलाई को आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए ओडिशा पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को कटक स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें रथयात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण तथा आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में डीजीपी खुरानिया ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि रथयात्रा के दौरान सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए तथा जमीनी स्तर पर सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कोई चूक न हो, इसके लिए प्रत्येक व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जानी चाहिए।
श्रीमंदिर परंपरा के अनुसार इस वर्ष 29 जून को देवस्नान पूर्णिमा, 14 जुलाई को नवयौवन दर्शन, 16 जुलाई को रथयात्रा, 20 जुलाई को हेरा पंचमी, 23 जुलाई को संध्या दर्शन, 24 जुलाई को बहुड़ा यात्रा, 25 जुलाई को सुनाबेश, 26 जुलाई को अधरपाना तथा 27 जुलाई को नीलाद्रि बीजे का आयोजन होगा।
इन सभी अवसरों पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक व्यापक एवं सक्रिय बनाने का निर्णय लिया गया है।
रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु भीड़ प्रबंधन के लिए इस वर्ष कई नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आठ अतिरिक्त पार्किंग स्थलों की पहचान की गई है। रथ खींचे जाने के दौरान उनकी निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रथों के आगे विशेष क्लियरेंस पार्टी तैनात की जाएगी।
अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में क्रैक टीमों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त शहर के प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा यातायात नियंत्रण के लिए रोड डिवाइडर, डेलिनेटर और विशेष ट्रैफिक जोन विकसित किए जाएंगे।
डीजीपी ने पुरी के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि शहर के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अपराध नियंत्रण को सुदृढ़ किया जाए। होटल, लॉज और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
रथयात्रा के दौरान अन्य राज्यों के आदतन अपराधियों के पुरी पहुंचने की आशंका को देखते हुए उनके फोटो एकत्र कर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों पर लगे एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
बैठक में समुद्र तटीय क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित करने पर भी चर्चा की गई। रेलवे पुलिस द्वारा पुरी, भुवनेश्वर, खुर्दा और जटनी रेलवे स्टेशनों पर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे। डीजीपी ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने पर बल दिया।
इसके अलावा श्रीजगन्नाथ मंदिर के आसपास सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रक्षक वाहनों, के-9 स्क्वॉड, एनएसजी प्रशिक्षित एसओजी टीमों तथा स्पेशल टैक्टिकल यूनिट (एसटीयू) की तैनाती की जाएगी।
रथयात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की भगदड़ या आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा योजना तैयार की जाएगी। पुलिस बलों के आवास, बैरिकेडिंग व्यवस्था, रथ खींचने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने तथा श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में आपातकालीन परिस्थितियों, दुर्घटना प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों के बीच त्वरित समन्वय सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में अपराध शाखा, खुफिया विभाग, कानून-व्यवस्था, रेलवे एवं तटीय सुरक्षा, संचार, आधुनिकीकरण तथा अन्य शाखाओं के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पूर्वी रेंज के डीआईजी तथा पुरी के पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारी शामिल हुए।
ओडिशा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रथयात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात, प्रभावी भीड़ नियंत्रण और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो