मप्र कैबिनेट का किसानों के हित में बड़ा फैसला, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 11,608.47 करोड़ रुपये स्वीकृत
- कैबिनेट ने तबादला नीति-2026 को दी मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 30,055 करोड़ रुपये स्वीकृत भोपाल, 20 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई, जिसमें किसानों के हित में
मप्र कैबिनेट की बैठक


मप्र कैबिनेट की बैठक


मप्र कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री काश्यप


- कैबिनेट ने तबादला नीति-2026 को दी मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 30,055 करोड़ रुपये स्वीकृत

भोपाल, 20 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई, जिसमें किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के निरंतर क्रियान्वयन के लिए 11,608.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। बैठक में प्रदेश के विकास के लिए 30,055 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां दी गईं। साथ ही मंत्रि-परिषद ने राज्य के कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति -2026 को भी मंजूरी दी है।

प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने बैठक में निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानान्तरण नीति वर्ष 2026 का अनुमोदन किया है। स्वीकृति अनुसार इस वर्ष 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक की अवधि के लिये स्थानांतरण से प्रतिबंध शिथिल किया जाएगा। नीति में लिपिकीय त्रुटि सुधार, स्पष्टीकरण अथवा अन्य संशोधन करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अधिकृत किया गया है।

उन्होंने बताया कि पद एवं संवर्ग संख्या के आधार पर अधिकतम स्थानांतरण की संख्या का निर्धारण स्थानांतरण नीति में स्पष्ट किया गया है। पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ किये जाने तथा स्वयं की गंभीर बीमारियों के प्रकरण में स्थानांतरण को विभागों के निर्धारित प्रतिशत या संख्या के अतिरिक्त रखा गया है। जिला एवं राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर स्थानांतरण प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से किया जायेगा। सभी विभागों के विभागाध्यक्ष तथा शासकीय उपक्रमों एवं संस्थाओं में पदस्थ प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का स्थानांतरण समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद किया जायेगा।

किसानों के हक में बड़ा फैसला

मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद ने किसानों को फसल हानि या क्षति होने पर वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आगामी 05 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) तक निरंतर क्रियान्वयन के लिए 11 हजार 608.47 करोड़ रूपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पात्र कृषकों को प्रति कृषक प्रत्येक मौसम में न्यूनतम दावा राशि 1,000 रुपये का भुगतान करने के लिए दावा राशि और राशि 1000 के अंतर की राशि का भुगतान राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक नियम/दिशा-निर्देश जारी करने के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को अधिकृत किया गया है।

वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजन की पेंशन योजना के लिए 15,184.42 करोड़ रुपये स्वीकृत

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजन की पेंशन योजना के लिए 15 हजार 184.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एन.एस.ए.पी.) योजना अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 1 अप्रैल 2026 से आगामी 05 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 2,123 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। योजना अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली 40 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी महिलाओं को पात्रतानुसार प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है।

राज्य शासन की समग्र सामाजिक सुरक्षा योजना अन्तर्गत समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 05 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 13,061 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। योजना अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित वृद्ध, 18 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी (विधवा) महिलाएं एवं 06 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांग जिनकी निशक्तता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है एवं 50 वर्ष या अधिक आयु की अविवाहिता को योजना के अंतर्गत पात्रतानुसार 600 रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है।

दो समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 593 करोड़ 24 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के लिए कुल 593 करोड़ 24 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार सिवनी की बंडोल समूह जल प्रदाय योजना की मूल स्वीकृत लागत राशि 232 करोड़ 57 लाख रूपये के स्थान पर पुनरीक्षित योजना लागत राशि 266 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना की मूल स्वीकृत लागत राशि 237 करोड़ रुपये के स्थान पर 327 करोड़ 07 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 156 करोड़ रुपये स्वीकृत

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास अंतर्गत महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 156 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 113 करोड़ 50 लाख रुपये, केयर एण्ड सपोर्ट टू विक्टिम अंडर पॉक्सो योजना के लिए 27 करोड़ 50 लाख रुपये और शौर्य दल योजना के लिए 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार चाइल्ड हेल्पलाइन अन्तर्गत पूर्व से स्थापित 51 जिलों के साथ-साथ नवगठित 4 जिलों निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा एवं मऊगंज में जिला स्तरीय इकाईतथा 9 पूर्व से स्थापित हेल्प डेस्क के साथ-साथ 04 रेल्वे स्टेशन कटनी, बीना (सागर), मेघनगर (झाबुआ), सिंगरौली में रेल्वे स्टेशन हेल्प डेस्क और 08 बस स्टैंड छतरपुर, बुरहानपुर, सिवनी, ग्वालियर, झाबुआ, नीमच, सतना एवं बालाघाट में हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए 360 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम का क्रियान्वयन कार्यक्रम को 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 360 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत लोक सेवा केंद्रों की स्थापना एवं संचालन, सीएम हेल्प लाइन सेंटर का संचालन, सीएम डैशबोर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं।

श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए 1779.07 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा श्रम विभाग अंतर्गत श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,779 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं संगठन अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-2027 से वित्तीय वर्ष 2030-2031) तक निरंतर संचालन के लिये राशि 1,583 करोड़ 91 लाख रूपये तथा विभागीय परिसम्पत्तियों का संधारण योजना अंतर्गत परिसम्पत्तियों के संधारण के लिये राशि 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के लिए 373 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा लोक सेवा प्रबंधन विभाग अंतर्गत अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के कार्यों को वित्तीय वर्ष अप्रैल 2026-27 से मार्च 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 348 करोड़ 38 लाख रुपये और जीव विज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के विकास के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर