- डॉ. सत्यवान सौरभ
भारत की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था केवल प्रवेश की प्रक्रिया नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, अवसर और प्रतिभा-परीक्षण का आधार है। जब राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा को लेकर अनियमितता, संदिग्धता या रद्
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