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नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नए निदेशक के चयन को लेकर सोमवार की शाम प्रधानमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने बैठक की कार्यवाही पर असहमति जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘डिसेंट नोट’ सौंपा।
राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि सरकार ने सीबीआई जैसी प्रमुख जांच एजेंसी का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया है। उन्होंने कहा कि चयन समिति में नेता प्रतिपक्ष को शामिल करने का उद्देश्य संस्थागत कब्जे को रोकना था, लेकिन उन्हें प्रक्रिया में कोई सार्थक भूमिका नहीं दी जा रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पात्र उम्मीदवारों की स्वमूल्यांकन रिपोर्ट और ‘360 डिग्री’ मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का कई बार लिखित अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति की बैठक के दौरान पहली बार 69 उम्मीदवारों के मूल्यांकन रिकॉर्ड देखने के लिए दिए गए, जबकि ‘360 डिग्री’ रिपोर्ट पूरी तरह से देने से इनकार कर दिया गया।
उन्होंने पत्र में कहा कि उम्मीदवारों के कार्यकाल और प्रदर्शन का निष्पक्ष आकलन करने के लिए इन दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा आवश्यक थी। बिना किसी कानूनी आधार के जानकारी रोककर चयन प्रक्रिया को औपचारिकता तक सीमित कर दिया गया और इससे सरकार के पूर्वनिर्धारित उम्मीदवार के चयन का रास्ता साफ किया गया।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह इससे पहले पांच मई 2025 की बैठक में भी अपनी असहमति दर्ज करा चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 21 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सुझाव भी भेजे थे, लेकिन उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ‘रबर स्टैंप’ नहीं है और वह पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में शामिल होकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने चयन प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए औपचारिक असहमति व्यक्त की।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई निदेशक के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनके द्वारा नामित सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश शामिल होते हैं। इसी सिलसिले में आज शाम प्रधानमंत्री आवास पर बैठक आयोजित की गई थी, जिसमे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शामिल हुए थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर