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नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को दिल्ली पुलिस के साथ पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने की।
बैठक में महिलाओं के खिलाफ अपराध, साइबर अपराध, स्टॉकिंग, मानव तस्करी और घरेलू हिंसा जैसे मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस बैठक में आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस और प्रोटेक्शन ऑफिसर्स के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर सहायता और न्याय मिल सके।
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑल-वुमन पुलिस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
बैठक में पुलिस ने जानकारी दी कि पीसीआर टीम औसतन 5 से 7 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच रही है, जो देश में सबसे तेज रिस्पॉन्स सिस्टम में से एक माना जा रहा है।
साइबर अपराधों पर चर्चा के दौरान बताया गया कि महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट हटाने का समय 36 घंटे से घटाकर करीब 3 घंटे कर दिया गया है।
बैठक में “शिष्टाचार” अभियान की भी सराहना की गई, जिसके तहत महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न रोकने के लिए निगरानी करती हैं। वहीं “निर्भीक” अभियान के जरिए स्कूली बच्चों को गुड टच-बैड टच और यौन अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि वर्तमान में पुलिस बल में महिला कर्मियों की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पहले लगभग 9 प्रतिशत थी। दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा, त्वरित शिकायत निवारण और पीड़ित सहायता तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए आयोग के साथ मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी