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मेदिनीपुर, 06 मार्च (हि. स.)। नारायणगढ़ में शुभेंदु अधिकारी की सभा से पहले भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ पोस्टर को लेकर राजनीतिक विवाद चरम पर पहुंच गया है। नारायणगढ़ के मकरामपुर में भाजपा की परिवर्तन संकल्प जनसभा को लेकर तैयारियां तेज हैं, इसी बीच पार्टी के अंदरूनी मतभेद भी खुलकर सामने आई है। शुक्रवार सुबह मकरामपुर इलाके में पिछले विधानसभा चुनाव के भाजपा प्रत्याशी रमाप्रसाद गिरी के खिलाफ एक के बाद एक चौंकाने वाले पोस्टर देखे गए, जिसे लेकर जिले में भारी राजनीतिक हलचल है।
पीले रंग के इन पोस्टरों में दावा किया गया है कि 2021 के चुनाव में तृणमूल के साथ आर्थिक लेनदेन कर उन्होंने मतगणना के बीच में ही केंद्र छोड़कर भाग गए थे। हालांकि पोस्टरों के नीचे शिष्टाचार के तौर पर ‘नारायणगढ़ के सामान्य भाजपा मतदाताओं’ का नाम लिखा गया है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी की सभा से ठीक पहले हुई इस घटना के पीछे कोई योजना है या नहीं, इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में नारायणगढ़ सीट पर तृणमूल उम्मीदवार सूर्यकांत अट्टा के हाथों रमाप्रसाद गिरी को हार का सामना करना पड़ा था। पोस्टरों में आरोप लगाया गया है कि वह हार दरअसल तृणमूल के साथ उम्मीदवार की गुप्त सांठगांठ का परिणाम थी।
इस बार भी उन्हें प्रत्याशी के तौर पर देखा जा सकता है, ऐसी अटकलें शुरू होते ही विरोधी खेमे का एक हिस्सा सक्रिय हो गया है, ऐसा माना जा रहा है।
राजनीतिक हलकों का मानना है कि जनसभा से ठीक पहले सामने आई इस घटना ने भाजपा के पुराने और नए गुटों के टकराव को और उजागर कर दिया है।
मकरामपुर क्षेत्र तृणमूल के अध्यक्ष सौमेन करन ने कहा कि उम्मीदवार बनना उनके दल का पूरी तरह आंतरिक मामला है और वे लोग आपस में ही झगड़ रहे हैं।
इतने गंभीर आरोपों और पोस्टर विवाद को लेकर संबंधित भाजपा नेता रमाप्रसाद गिरी की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता