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अररिया,03 मार्च(हि.स.)। होली पर मंगलवार को मारवाड़ी समाज के लोगों ने होलिका दहन से पूर्व विधि-विधान के साथ होलिका दहन स्थल पर पहुंच कर थंभ रोपण किया एवं विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की गई।परंपरानुसार मंत्रोच्चार, नारियल अर्पण, रोली-अक्षत और परिक्रमा के साथ सुख-समृद्धि एवं बुराई पर अच्छाई की विजय की कामना की गई।
मध्य रात्रि में शुभ मुहूर्त पर होलिका दहन किया गया,जहां बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। अग्नि की पवित्र ज्वाला के समक्ष सभी ने अपने जीवन से नकारात्मकता, द्वेष और कुरीतियों के अंत का संकल्प लिया।
होली में थंभ या डांडा रोपण, होलिका दहन से पहले लकड़ी के खंभे या पेड़ की डाली को गाड़ने की एक परंपरा है। यह डंडा भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद का प्रतीक माना जाता है, जो सत्य और आस्था की रक्षा का संकेत देता है। इसके चारों ओर लकड़ियाँ और उपले इकट्ठे किए जाते हैं। जिसके बाद मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन की परम्परा है।होलिका दहन हमें यह संदेश देता है कि सत्य, आस्था और धर्म की सदैव विजय होती है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर