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जम्मू, 13 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा “औषधीय एवं सुगंधित पौधों का संरक्षण, उपयोग और प्रोत्साहन” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों और छात्रों ने भाग लिया तथा पौधों की जैव विविधता के संरक्षण और उनके सतत उपयोग के महत्व पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव जैन के संरक्षण में किया गया। इस अवसर पर पूर्व पीसीसीएफ ओ.पी. शर्मा, वन्यजीव वार्डन कठुआ विजय कुमार, तकनीकी अधिकारी जेके मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड डॉ. वाहिद उल हसन, वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. भूषण कुमार, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के डीन प्रो. सुनील धर और पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. दीपक पठानिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. योगेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जम्मू-कश्मीर जैसे जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र में औषधीय और सुगंधित पौधों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम शोध, सहयोग और जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विजय कुमार ने अपने संबोधन में चिनाब घाटी में किए गए अनुभव साझा करते हुए ‘मारवाह वन प्रभाग में औषधीय पौधों के संसाधन संवर्धन’ परियोजना की जानकारी दी। वहीं डॉ. वाहिद उल हसन ने औषधीय पौधों के संरक्षण और सतत प्रबंधन से जुड़ी केंद्रीय योजना के बारे में जानकारी दी और युवाओं को इस क्षेत्र में शोध और स्टार्टअप के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा