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नई दिल्ली, 9 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा पर पंजाब के जालंधर में की गई एफआईआर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद का बयान आया है। उन्होंने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि आज तो विपक्ष ने सभी सीमाएं पार कर दीं। विपक्ष की ही मांग पर सदन ने एक वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया था, जिसमें आतिशी द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसके बावजूद किसी कथित दस्तावेज़ या वीडियो की मनगढ़ंत फोरेंसिक जांच कराकर हमारे मंत्री कपिल मिश्रा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराना, पंजाब सरकार के तंत्र का दुरुपयोग है।
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में जालंधर के कमिश्नर को विशेषाधिकार हनन के तहत सदन के समक्ष तलब किया जाएगा। किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह सदन के विषयों में हस्तक्षेप करे या कानून को अपने हाथ में ले। उन्होंने कहा कि आज भले ही हम सरकार में हैं, लेकिन जब दिल्ली में केजरीवाल की सरकार थी या उससे पहले कांग्रेस की सरकार थी, तब भी हम विपक्ष में रहते हुए कभी नहीं डरे। आज हमें मुकदमों के माध्यम से डराकर हमारी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम किसी भी परिस्थिति में गुरुओं के अपमान को सहन नहीं करेंगे और दोषियों को सज़ा दिलाकर रहेंगे।
मंत्री आशीष ने कहा कि कानूनी कार्रवाई सदन का विषय है। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे विशेषाधिकार हनन का मामला माना है और इस पर संज्ञान लिया है। इस प्रकरण में जालंधर के कमिश्नर को तलब किया जाएगा। आगे जो भी कानूनी कार्रवाई होगी, वह विधि के अनुसार होगी। किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह सदन के मामलों में हस्तक्षेप करे या कानून को अपने हाथ में ले।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रभात मिश्रा