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नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को सदन में कहा कि आज अत्यंत गौरव और हर्ष के साथ इस सदन के समक्ष एक वंदे मातरम गीत का गायन पर चर्चा हो रही है। जैसा कि हम जानते हैं, दिल्ली विधानसभा के प्रत्येक सत्र की पहली बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन से होता है। अब तक की परंपरा के अनुसार इस गीत के केवल दो पैरे ही गाए जाते रहे हैं। परंतु इस वर्ष हमारे समक्ष एक अभूतपूर्व अवसर है। बंकिमचंद्र चटोपध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत की एक सौ पचासवीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह गीत केवल शब्दों का समूह नहीं है, अपितु यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। लाखों देशभक्तों की प्रेरणा का स्रोत है और मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम का प्रतीक है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सन 1875 में रचित इस गीत ने स्वाधीनता आंदोलन में जन जागरण का कार्य किया। बंगाल विभाजन के विरोध में यह गीत जन जन की जुबान पर था। हमारे पूर्वजों ने इसी गीत को गाते हुए अंग्रेजों की लाठियां और गोलियां सही, जेल की यातनाएं झेली और हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर को चूमा। इस ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली विधानसभा में इस वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केवल दो पैरे नहीं अपितु संपूर्ण वंदे मातरम गीत का गायन किया जाए। हमारी ओर से उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिन्होंने इस गीत को अपने हृदय में धारण कर राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह सदन इस प्रस्ताव को पूरी तरह समर्थन करेगा और हम सब मिलकर इस गौरवशाली गीत की एक सौ पचासवीं वर्षगांठ को यादगार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि एक सौ पचासवीं वर्षगांठ पर दिल्ली के इस ऐतिहासिक सदन में अब से लगभग एक सौ बारह वर्ष पूर्व सदन के पटल पर जब वंदे मातरम गीत, वंदे मातरम के नारे लगे, साइमन कमीशन गो बैक का प्रस्ताव पारित हुआ और अंग्रेजी शासक बेहोश होकर सदन में गिर गया। तो साथियों, मैं सचिवालय को भी यह आदेश देता हूं कि सभी के जो डेस्कटॉप, आईपैड, इसमें पूरा वंदे मातरम गीत होना चाहिए। जिससे कि सब मिलकर पहली बैठक में पूरा गीत गाएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव