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मीरजापुर, 09 जनवरी (हि.स.)। विंध्याचल मंडल में कृषि निर्यात और जीआई उत्पादों को मजबूती देने के लिए नवस्थापित मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में पहल की जा रही है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इससे कृषि, निर्यात और जीआई उत्पादों से जुड़े कुशल मानव संसाधन तैयार हो सकेंगे।
आयुक्त कार्यालय सभागार में मंडलायुक्त राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में मंडलीय निर्यात निगरानी समिति की शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें प्रमुख रुप से कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग, एपीडा, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी और विषय विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस दौरान मंडल में कृषि जिंसों के निर्यात की प्रगति, जीआई उत्पादों के संरक्षण और उनके प्रचार-प्रसार पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंडलीय अधिकारी डॉ. अमित यादव ने कृषि निर्यात और पंजीकृत जीआई उत्पादों की स्थिति से अवगत कराया। पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने जीआई उत्पादों के अधिकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाने और नए उत्पादों के पंजीकरण पर जोर दिया। एपीडा के डीजीएम डॉ. सीबी सिंह ने चुनार में बने ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर को कृषि निर्यात के लिए उपयोगी बताया।
मंडलायुक्त ने कहा कि कृषि निर्यात को बढ़ाने और जीआई उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा