यूपी में बनेगा सेनाओं के लिए हथियार, गोला-बारूद और लड़ाकू जहाजों का सामान : राजनाथ सिंह
लखनऊ, 09 जनवरी (हि.स.)। देश की सेनाओं के लिए हथियार, गोला-बारूद और लड़ाकू जहाजों से जुड़ा सामान, अब उत्तर प्रदेश में बनेगा। लखनऊ में तो ब्रह्महोस की फैक्ट्री भी लगी है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल बनाई जा रही है। अब ये मिसाइल बाहर से बनकर नहीं आती, हमारे
फैक्ट्री का उदघाटन करते राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


राजनाथ सिंह को इलेक्ट्रानिक वाहन का माडल भेंट करते मुख्यमंत्री


लखनऊ, 09 जनवरी (हि.स.)। देश की सेनाओं के लिए हथियार, गोला-बारूद और लड़ाकू जहाजों से जुड़ा सामान, अब उत्तर प्रदेश में बनेगा। लखनऊ में तो ब्रह्महोस की फैक्ट्री भी लगी है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल बनाई जा रही है। अब ये मिसाइल बाहर से बनकर नहीं आती, हमारे अपने देश में, हमारे अपने उत्तर प्रदेश में बनती है। भारत का रक्षा क्षेत्र, अब पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर होने की ओर बढ़ रहा है। भारत अब कमजोर नहीं है, हम अपने हथियार खुद बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर बनाया है। शुक्रवार काे देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ में अशोक लीलैंड के नए ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के उद्घाटन अवसर पर बाेल रहे थे। इस दाैरान कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री (भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय) एचडी कुमार स्वामी और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उपस्थित रहे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि 2014 में हम लोग भारत में सिर्फ 46,000 करोड़ रुपये के हथियार और साजो-सामान बना पाते थे। आज वहीं बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुका है। 2014 के समय भारत का जो रक्षा निर्यात है, वह बहुत कम हुआ करता था। हम 1,000 करोड़ रुपये से भी कम के हथियार और साजो-सामान, दुनिया को बेच पाते थे, लेकिन आज वही बढ़कर रिकार्ड 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

रक्षामंत्री ने कहा कि इस फैक्ट्री का शुरू होना, केवल अशोक लीलेंड की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारी नीतियों पर, उद्योग जगत के विश्वास की कहानी भी है। हमारी सरकार ने हमेशा जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए औद्दयोगिक विकास को बढ़ावा दिया है। पिछले कुछ वर्षों में हमारी डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश में जो किया है, उससे लगातार उद्योग जगत का विश्वास बढ़ा है। यदि आज लखनऊ जैसे शहर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की इतनी बड़ी फैक्ट्री की शुरुआत हो रही है, तो उसके पीछे उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और सड़कों के जाल का बहुत बड़ा योगदान है।

राजनाथ सिंह ने बताया कि लगभग 70 एकड़ में यह संयंत्र फैला हुआ है। इस पूरी सुविधा का निर्माण 24 महीने में होना था, लेकिन आप लोगों ने इसे 18 महीनों में तैयार किया है। अब जैसे ही यहां काम शुरू हो जाएगा, उसके बाद हर महीने लगभग 2,500 इलेक्ट्रि​क वाहन यहां से बनकर निकलेंगे। इससे सबसे बड़ा लाभ, हमारी स्थानीय जनता को होने वाला है। सरकार का लक्ष्य है, कि अगले पांच साल में यहां हजारों करोड़ रुपये का नया काम आए और हमारे लाखों नौजवानों को सीधा रोजगार मिले। यानी हमारे गांव, कस्बे और शहरों के बच्चे, अब यहीं काम करेंगे, यहीं कमाएंगे और अपने परिवार को संभालेंगे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता, विकसित उत्तर प्रदेश से होकर ही जाएगा, ऐसा मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं। आज, जब भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, तो उसमें उत्तर प्रदेश का योगदान बहुत महत्त्वपूर्ण होने वाला है। मुझे पूरा विश्वास है कि 2047 में जब देश आजादी के 100 साल पूरे होने पर, विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करेगा, तब तक उत्तर प्रदेश रोजगार, उद्योग, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता में भी देश का नेतृत्व कर रहा होगा। उत्तर प्रदेश में, लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा। आज उत्तर प्रदेश की पहचान, एक ऐसे राज्य के रूप में हो रही है, जो देश के विकास में बढ़-चढ़कर योगदान दे रहा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि​ आज का जो समय है उसमें स्किल का बड़ा महत्त्व है। कौशल विकास को बढ़ावा देकर, हमारे युवाओं को, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। इस तरह की तमाम कोशिशों के माध्यम से, हम सब मिलकर उत्तर प्रदेश, और देश के विकास में लगे हुए हैं, लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं।

आने वाले कुछ सालों में, तेल से चलने वाली गाड़ियाँ कम दिखेंगीं, इले​क्ट्रिक गाड़ियां ज्यादा दिखेंगी। पर्यावरण के लिए भी यह जरूरी है, कि हम इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दें। इसलिए हमारी सरकार भविष्य की इन टेक्नोलोजिक पर अधिक ध्यान दे रही है और उनको बढ़ावा दे रही है। हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आज आप देखिये, भारत में हमने “मेक इन इण्डिया” पहल शुरू की है। तमाम बड़ी चीज़ें, जो पहले विदेशों से आती थीं, आज वो भारत में ही बनने लगी हैं।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन