बेल्जियम और ऑस्ट्रिया के संतों ने दिया श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को समर्थन
- बंगाल से वृंदावन पहुंची हिंदू गर्जना यात्रा, बांग्लादेश में हिंसा का शिकार बने हिंदुओं को दी गई श्रद्धांजलि मथुरा, 09 जनवरी (हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण से जुड़े श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शुक्रवार को हिंदू पक्ष
महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के साथ बेल्जियम और ऑस्ट्रिया से आए संतों ने श्रीधाम वृंदावन में शपथ लेकर अपना समर्थन देते हुए


श्रीधाम वृंदावन में शपथ लेकर अपना समर्थन देते हुए


- बंगाल से वृंदावन पहुंची हिंदू गर्जना यात्रा, बांग्लादेश में हिंसा का शिकार बने हिंदुओं को दी गई श्रद्धांजलि

मथुरा, 09 जनवरी (हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण से जुड़े श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शुक्रवार को हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट की अगुवाई में चल रहे आंदोलन को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलने लगे हैं। बेल्जियम और ऑस्ट्रिया से आए संतों ने श्रीधाम वृंदावन में शपथ लेकर अपने-अपने देशों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए आंदोलन खड़ा करने का संकल्प लिया। वहीं, बंगाल से वृंदावन पहुंची हिंदू गर्जना यात्रा के यात्रियों ने बंगाल में हिंदुओं को जागरूक और एकजुट करने का प्रण लिया।

वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधाकृष्ण कृपा धाम में आयोजित कार्यक्रम में बंगाल से आई हिंदू चेतना यात्रा का स्वागत किया गया। यह यात्रा स्पेन के संत स्वामी उमेश योगी जी महाराज के संरक्षकत्व में तथा बेल्जियम से आए संत अनूपजी महाराज के सानिध्य में पहुंची थी। इस अवसर पर महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि वर्तमान में एक दर्जन से अधिक देशों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए आंदोलन चल रहा है और अब बेल्जियम तथा ऑस्ट्रिया के संतों के जुड़ने से न्यास के संघर्ष को नई शक्ति मिली है।

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने यात्रियों को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़े जाने और उसके स्थान पर निर्माण के ऐतिहासिक घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बंगाल में बढ़ती घुसपैठ और उसकी कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए वहां के हिंदुओं को संगठित कर सनातन को सशक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि ईदगाह मस्जिद हटेगी और भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य स्थल, मूल गर्भगृह पर भव्य मंदिर का निर्माण होकर रहेगा। स्पेन के संत स्वामी उमेश योगी जी महाराज ने कहा कि वह महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के साथ हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराकर रहेंगे। बेल्जियम से आए संत अनूप जी महाराज ने कहा कि वे विशेष रूप से इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए भारत आए हैं और बेल्जियम में भी एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। ऑस्ट्रिया के संत भुवन जी महाराज ने भी आश्वस्त किया कि ऑस्ट्रिया से इस संघर्ष में सक्रिय भागीदारी की जाएगी।

हरियाणा के महेंद्रगढ़ से आए भगवताचार्य दास मोहित कौशिक जी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए सभी सनातनियों को एकजुट होना होगा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के बैनर तले कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। कथावाचक श्यामसुंदर बृजवासी ने तीर्थयात्रियों को हिंदू एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चिंतामणि कुंज के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद जी महाराज ने महेंद्र प्रताप सिंह को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सभी हिंदुओं को तन-मन से उनका साथ देना चाहिए, क्योंकि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के साथ-साथ सनातन धर्म की रक्षा के लिए देश-विदेश में निरंतर कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में बांग्लादेश में हिंसा का शिकार हुए हिंदुओं को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में पंडित श्यामानंद जी महाराज, जयदेव दास, राजेश शर्मा, विश्वजीत राम, पूर्णा मिस्त्री, वरुण गैरंभी, ऊषा रानीवाला, विनायक, प्रशांतो समेत बड़ी संख्या में संत और तीर्थ यात्री उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार