अलीगढ़ में आडिटोरियम के टेंडर में गड़बड़ी के जांच की शिकायत पर दो माह में निर्णय लेने का निर्देश
प्रयागराज, 09 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी परिसर अलीगढ़ में काकोरी द्वार के अंदर छह सौ लोगों के बैठने की क्षमता वाले आडिटोरियम निर्माण के लिए हुए टेंडर में अनियमितता की शिकायत की जांच कराने की मांग मे
इलाहाबाद हाईकाेर्ट


प्रयागराज, 09 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी परिसर अलीगढ़ में काकोरी द्वार के अंदर छह सौ लोगों के बैठने की क्षमता वाले आडिटोरियम निर्माण के लिए हुए टेंडर में अनियमितता की शिकायत की जांच कराने की मांग में विचाराधीन प्रत्यावेदन पर सक्षम प्राधिकारी को दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति अजित कुमार तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने मेसर्स बाबा ट्रेडर्स की याचिका को निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया है और कहा है कि यह कहने की जरूरत नहीं कि आदेश तर्कसंगत, स्पष्ट व सकारण होगा।

याची ने 29 अक्टूबर 2025 को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। सरकार की तरफ से कहा गया कि उसे जांच पर कोई आपत्ति नहीं है। याची फर्म के संचालक शैलेंद्र कुमार तिवारी का आरोप है कि 10.70 करोड का टेंडर गोंडा की फर्म आरके कंस्ट्रक्शन ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर हासिल किया है। आरके कंस्ट्रक्शन ने आवास विकास परिषद के खंड-14 में 800 सीटों की क्षमता वाले आडिटोरियम निर्माण का अनुभव प्रमाण पत्र लगाया है, जबकि वास्तविकता में उक्त खंड वर्ष 2020 में निर्माण खंड-9. लखनऊ में विलय किया जा चुका है। लखनऊ स्थित आवास विकास परिषद निर्माण खंड ने भी इस प्रकार का कोई, अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। अधिशासी अभियंता ने इस संबंध में प्रभारी अधिकारी एडीएम सिटी को पत्र लिखा है। राज्य सरकार के अलावा जिलाधिकारी, संभागायुक्त तथा एडीएम (सिटी) / प्रभारी अधिकारी, याचिका में प्रतिवादी बनाए गए थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामानंद पांडे