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जोधपुर, 8 जनवरी (हि.स.)। पांच माह पूर्व पेट में गाठ और बच्चे के साथ मथुरादास माथुर अस्पताल की जनाना विंग में जमेर की एक चार माह की गर्भावस्था महिला पांच माह पूर्व पेट में दर्द की शिकायत के साथ भर्ती हुई थी।
सभी तरह की जांच उपरांत यह पाया गया कि उसके पेट में बडी गांठ थी जिसकी वजह से बच्चेदानी में बच्चे का विकास नहीं हो पा रहा था। जनाना विंग मे डॉ. बीएस जोधा एवं उनकी टीम द्वारा सर्जरी कर 6.327 किलो की गांठ को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। तत्पश्चात उस महिला के नौ माह होने पर ऑपरेशन कर स्वस्थ बच्चे को निकाला गया। यह एक प्रकार की कठिन शल्य प्रक्रिया थी जिसमे सर्जरी उपरांत बच्चेदानी की लगातार जांच की जाती रही तथा बच्चे का पूर्ण विकास होने पर सिजेरियन द्वारा स्वस्थ बच्ची 2.63 किलो का जन्म हुआ। इस माँ बेटी को को डिस्चार्ज किया जायेगा एवं वह स्वस्थ है।
डॉक्टर जोधा ने बताया कि इस गांठ की साईज 22 गुणा 18 गुना 16 सेमी. थी जो कि गर्भ के साथ सामान्यत: 8 से 10 लाख गर्भवती महिलाओ मे से एक मे पायी जाती है। यद्यपि 5-7 सेमी. तक की गांठ कई गर्भवती महिलाओ मे होना पाया जाता है। पायल नामक इस महिला की यह पहली डिलवरी थी और उसने अजमेर के अस्पताल से ज्यादा जोधपुर के चिकित्सक समुदाय पर विश्वास किया और उन्होंने भी अपने सभी प्रयास कर सफलता हासिल की। महिला के प्रसव का खर्च माँ योजना में किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश