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धर्मशाला, 08 जनवरी (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा अनुप्रिया, जो वर्तमान में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में पीएचडी शोधार्थी हैं, को आईसीएआर–2025 सर्वश्रेष्ठ एमएससी शोध प्रबंध पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार “एग्रीकल्चरल रिसर्जेंस–2025” विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान 13 से 15 दिसंबर 2025 तक हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित 2025 पुरस्कार समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके उत्कृष्ट एमएससी शोध प्रबंध “हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा एवं ऊना जिलों में प्रचलित जातीय-चिकित्सीय पालन-पोषण प्रथाओं का प्रलेखन” के लिए प्रदान किया गया।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय की सुदृढ़ शैक्षणिक आधारशिला, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान संस्कृति तथा पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. चंद्रकांता वत्स ने भी अनुप्रिया को बधाई देते हुए उनके शोध कार्य की सामाजिक प्रासंगिकता एवं उपयोगिता की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि अनुप्रिया ने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के अंतर्गत ‘मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग’ के विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. राज पठानिया के मार्गदर्शन में एमएससी की उपाधि प्राप्त की है। उनका शोध कार्य पारंपरिक ज्ञान के वैज्ञानिक प्रलेखन के लिए व्यापक रूप से सराहा गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया