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नैनीताल, 08 जनवरी (हि.स.)। काठगोदाम-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग को दो-लेन करने की दिशा में बड़ी बाधा दूर हो गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की सख्ती के बाद करीब 35 किलोमीटर लंबे एनएच-87 के चौड़ीकरण के लिए दस गांवों की 8.32 हेक्टेअर निजी भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। सक्षम प्राधिकरण भूमि अधिग्रहण और अपर जिलाधिकारी वित्त नैनीताल की ओर से लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बताया गया है कि इस परियोजना से लगभग 200 परिवारों के मकान, दुकानें और कृषि भूमि प्रभावित होंगी।
उल्लेखनीय है कि यह परियोजना वर्ष 2014 में स्वीकृत हुई थी और वर्ष 2024 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 709.54 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी मिली थी। भूमि अधिग्रहण की जद में आने वाली निजी भूमि का सर्वे, अधिसूचना और आपत्तियों के निस्तारण का कार्य पूरा हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड हल्द्वानी के अनुसार चौड़ीकरण में शामिल 48 हेक्टेअर वन भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।
वर्तमान में सात से दस मीटर चौड़ी सड़क को 18 से 24 मीटर तक चौड़ा किये जाने की योजना है। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। इसके निर्माण से काठगोदाम, रानीबाग चौहानपाटा, चोपड़ा, डोलमार, ज्योली, ज्योलीकोट, बेलुवाखान, बल्यूटी, मोगा दोगड़ा आदि गांव प्रभावित होंगे। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत ग्रामीण क्षेत्र में बाजार दर का चार गुना और नगर क्षेत्र में दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। परियोजना में लगभग 14 हजार पेड़ों के कटान का अनुमान है, जबकि अतिक्रमण कर बैठे दुकानदारों को भी हटाया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी के अनुसार विभागीय रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम चरण में थ्री जी अवार्ड घोषित कर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी