उज्जैन जिला पुलिस को मिली अत्याधुनिक फारेंसिक लैब ऑन व्हील्स
उज्जैन, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिला पुलिस बल को नई सौगात मिली है। यह सौगात है फारेंसिक लैब ऑन व्हील्स के रूप में। यह एक अत्याधुनिक चलती फिरती प्रयोगशाला है,जिससे गंभीर अपराधों में घटना स्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुट जाएंगे और दोष
फारेंसिक लैब ऑन व्हील्स


उज्जैन, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिला पुलिस बल को नई सौगात मिली है। यह सौगात है फारेंसिक लैब ऑन व्हील्स के रूप में। यह एक अत्याधुनिक चलती फिरती प्रयोगशाला है,जिससे गंभीर अपराधों में घटना स्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुट जाएंगे और दोषी आरोपियों को ठोस सबूतों के आधार पर न्यायालय से सजा भी जल्द ही मिल जाएगी। इसमें डीएनए, फिंगर प्रिंट, खून, बाल, हथियार, गनशॉट अवशेष और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच और सुरक्षित संग्रह की सुविधा भी है।

यह जानकारी गुवार को एसपी प्रदीप शर्मा ने दी। उन्होने बताया कि गुरूवार से पुलिस की जांच व्यवस्था को नई गति मिल गई है। अपराधों के खुलासे और सटीक विवेचना के लिए जिला पुलिस को मोबाइल फॉरेंसिक वैन यानी लैब ऑन व्हील्स मिल गई है। यह वैन घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने और सुरक्षित रखने में सक्षम होगी। इससे जांच की गति तेज होगी,वहीं न्यायालय में ठोस साक्ष्य पेश कर अपराधियों को सजा दिलाने की संभावना बढ़ेगी। उन्होने बताया कि इस चलती-फिरती अत्याधुनिक प्रयोगशाला (मोबाइल फॉरेंसिक वैन) को गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फोरेंसिक यूनिवर्सिटी ने तैयार किया है। देश के कई राज्यों में इस तरह की वैनें पहले ही पुलिस विभाग को दी जा चुकी हैं और इनके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। अब सटीक और समय पर साक्ष्य मिलने से चार्जशीट मजबूत होगी।

हाईटेक है लैब ऑन व्हील्स

एसपी शर्मा ने बताया कि यह वैन आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें सैंपल कलेक्शन, जांच और इन्वेस्टिगेशन से जुड़े सभी जरूरी उपकरण मौजूद हैं। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें और भी आधुनिक उपकरण लगाने की व्यवस्था रखी गई है, जो पहले उज्जैन पुलिस के पास उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने बताया कि अब तक गंभीर अपराधों में घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर थाने या जिला मुख्यालय लाए जाते थे और फिर इंदौर, भोपाल या सागर की फॉरेंसिक लैब भेजे जाते थे। इस प्रक्रिया में कई दिन या कई बार हफ्ते लग जाते थे। देरी के कारण फिंगर प्रिंट मिटने, रक्त के नमूने खराब होने या साक्ष्य दूषित होने का खतरा बना रहता था। अब घटनास्थल पर ही रियल टाइम वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए जा सकेंगे। अपराध को लेकर पुलिस को प्रारंभिक रिपोर्ट मिल जाएगी। ताकि विवेचना शुरू हो सके।

वैन में लगे हैं ये अत्याधुनिक उपकरण

मोबाइल फॉरेंसिक वैन में स्टीरियो माइक्रोस्कोप, वेइंग बैलेंस, डीएसएलआर कैमरा, मिनी फ्रिज, एलईडी टीवी स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर, बॉडी-वॉर्न कैमरा सहित कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इसके अलावा फिंगर प्रिंट किट, रक्त और बाल पहचान किट, हाई-इंटेंसिटी फॉरेंसिक लाइट सोर्स, पैर और टायर निशान जांच किट, आगजनी जांच किट, साक्ष्य पैकिंग किट, बुलेट होल और गन शॉट अवशेष जांच किट, नशीले पदार्थ और विस्फोटक पहचान किट तथा डीएनए कलेक्शन और चेन ऑफ कस्टडी से संबंधित किट उपलब्ध हैं।

पारदर्शी जांच होगी

मोबाइल फॉरेंसिक वैन में साक्ष्यों के सुरक्षित संग्रह और पारदर्शी हस्तांतरण के लिए चेन ऑफ कस्टडी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। इससे न्यायालय में साक्ष्य की विश्वसनीयता बढ़ेगी। कुछ मामलों में मोबाइल फॉरेंसिक सॉफ्टवेयर और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर साइबर और हाईटेक अपराधों की जांच में भी मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल