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उज्जैन, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में परिष्कृति सांस्कृतिक संस्था ने वरिष्ठ रंगकर्मी सतीश दवे द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक ‘सिद्धवट’ का प्रभावशाली मंचन गुरुवार को किया। यह आयोजन कालिदास संस्कृत अकादेमी स्थित अभिरंग नाट्यगृह में संपन्न हुआ।
प्रस्तुति ने संघ की स्थापना, विचारधारा तथा समाजसेवा में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को भावपूर्ण और सशक्त ढंग से मंच पर साकार किया। यह जानकारी देते हुए अमित माथुर ने बताया कि संस्कार भारती के अखिल भारतीय लोककला विधा संयोजक निरंजन पांडा ने प्रस्तुति की सराहना की। उन्होने कहा कि ‘सिद्धवट’ संघ के राष्ट्रप्रेम का सजीव चित्रण है। मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के निर्देशक संजय श्रीवास्तव ने नए एवं वरिष्ठ कलाकारों के संतुलित समन्वय को प्रशंसनीय बताया वहीं भोपाल रंगमंच के वरिष्ठ कलाकार राजीव श्रीवास्तव ने नाट्य प्रस्तुति की प्रशंसा की।
नाटक के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में संघ का योगदान, हरमंदिर साहिब की रक्षा, कश्मीर में सेना के साथ मिलकर एयर स्ट्रिप से बर्फ हटाने का साहसिक कार्य, दादरा-नगर हवेली (सिलवासा) की मुक्ति, गोवा की स्वतंत्रता में संघ की भूमिका तथा कोरोना महामारी में समाज सेवा का जीवंत और प्रेरणादायी चित्रण किया गया। कई दृश्य इतने संवेदनशील थे कि दर्शक भावविभोर और रोमांचित हो उठे। नाट्य मंचन में सुदर्शन स्वामी, चितेन्द्र सिसोदिया, शशिधर नागर, रौनक शाक्य, गौरव रायकवार, अमित माथुर, शरद रावल, यश माने, सतीश चोरडिय़ा, मयंक वर्मा, सीमा धुलेकर एवं केतकी ओझा, वरेण्यं चौरे, यश कदम सहित अन्य कलाकारों ने सशक्त अभिनय से प्रस्तुति को यादगार बनाया।
इस अवसरपर संस्कार भारती के अखिल भारतीय सहकोष संयोजक श्रीपाद जोशी, प्रेमचंद सृजनपीठ के निदेशक मुकेश जोशी,उद्योगपति रवींद्र पेंढारकर, संतोष व्यास भी उपस्थित रहे। संचालन डॉ. हेमलता ओझा एवं दुर्गाशंकर सूर्यवंशी ने किया। आभार प्रवीण ठाकुर ने माना।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल