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धमतरी, 08 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नेत्रदान को बढ़ावा देने, मोतियाबिंद ऑपरेशन, चश्मा वितरण एवं नेत्र परीक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलएल कौशिक एवं जिला नोडल अधिकारी अंधत्व डॉ. राजेश सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में यह बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, धमतरी के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में जिले के सभी नेत्र चिकित्सा सहायक अधिकारियों की उपस्थिति रही।
बैठक में बताया गया कि जिले में नेत्रदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक विकासखंड में ब्लॉक नेत्रदान अधिकारियों को आवश्यक नेत्रदान सर्जिकल किट उपलब्ध कराई गई है। साथ ही सभी सहायक नेत्रदान अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे नेत्रदान की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न किया जा सके।
अधिकारियों ने आमजन से नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य के लिए आगे आने की अपील की। नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिल सकती है। नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है तथा नेत्रदाता के परिजन भी मृत्यु उपरांत नेत्रदान करवा सकते हैं। बैठक में स्कूली बच्चों को चश्मा वितरण की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने, 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को निकट दृष्टि हेतु चश्मा उपलब्ध कराने एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन लक्ष्य की समयबद्ध पूर्ति के निर्देश दिए गए। सभी नेत्र चिकित्सा सहायकों को अपने-अपने क्षेत्र में अंधत्व पंजी को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर डीपीएम डॉ. प्रिया कंवर, जिला नोडल अधिकारी गुरुशरण साहू, नेत्र विभाग का स्टाफ एवं जिले के समस्त नेत्र चिकित्सा सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा