Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नागदा, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा के समीप गांव टुटियाखेडी में एक पति ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पति को गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार कया।
पुलिस ने 25 वर्षीय महिमा उर्फ साक्षी की संदिग्ध मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हत्याकांड में पति ही पत्नी का हत्यारा निकला। पुलिस ने आरोपी पति बापूसिंह पिता रूपसिंह राजपूत निवासीीगांव टुटियाखेडी को हिरासत गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार महिमा की मौत 8 दिसंबर 2025 की शाम 4.30 बजे से 9 दिसंबर की रात करीब 3.30 बजे के बीच हुई। मर्ग क्रमांक 75/25 की जांच के दौरान मृतिका के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिसने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी पति ने गंभीर रूप से घायल पत्नी को अस्पताल नहीं पहुंचाया, न ही पुलिस को सूचना दी। घायल अवस्था में महिला को घर पर ही रखा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम में खुलासा
महिला पंचों की उपस्थिति में शव का पंचनामा बनाकर डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतिका की जांघ पर लकड़ी या लोहे की रॉड जैसे कठोर हथियार से वार के निशान थे। डॉक्टरों की राय में मौत मारपीट के कारण हुई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मृतिका अपने घर से कुछ दूरी पर किराना दुकान चलाती थी। आसपास के लोगों ने बताया कि आरोपी पति को पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जिसको लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे।
बेटी का बयान
मृतिका की बेटी राधिका ने भी पुलिस को बताया कि उसके पिता उसकी मां के साथ अक्सर मारपीट करते थे, जिससे मामला और मजबूत हो गया।
घटनास्थल का निरीक्षण रतलाम एफएसएल अधिकारी द्वारा किया गया। समस्त भौतिक, वैज्ञानिक, चिकित्सकीय साक्ष्य, एफएसएल रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि महिमा उर्फ साक्षी की हत्या उसके पति ने की।
इन सभी तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी बापूसिंह राजपूत के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर आरोपी बापूसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया