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भोपाल, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी से मौत का मामला सामने आने के बाद से ही प्रदेश भर में पानी की जांच काे लेकर सख्ती बरती जा रही है। इसी कड़ी में राजधानी भोपाल में पीने का पानी सेहत के लिए हानिकारक निकला है। भोपाल नगर निगम की सैंपलिंग में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि भोपाल का पानी भी खतरनाक है।
राजधानी भोपाल में भूजल आधारित पेयजल में बैक्टीरिया मिला है। शहर के 4 इलाकों के पेयजल में बैक्टीरिया संक्रमित मिला है। इंदौर कांड के बाद भोपाल नगर निगम के अमले ने 250 जगह पानी के सैंपल लिए थे। इनमें से 4 सैंपल फेल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं कुछ जगह पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया भी मिला है। एक खानूगांव, एक बाजपेयी नगर और दो आदमपुर खंती इलाके के पानी के सैंपल टेस्टिंग में फेल हुए है। पानी में 'ई-कोलाई' बैक्टीरिया मिला है। यही बैक्टीरिया इंदौर के भागीरथपुरा में मिला था, जिसके चलते अबतक 20 जानें जा चुकी हैं।
हालांकि भोपाल नगर निगम के अफसर कर रहे हैं कि ये सप्लाई का नहीं बल्कि ग्राउंड वाटर है। इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। नगर निगम ने इस इलाके में रहने वाले लोगों को इस पानी का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। 2 दिन पहले ही विधायक आतिफ अकील और पार्षद प्रतिनिधि मो. जहीर खानूगांव पहुंचे थे। खानूगांव जिस वार्ड में आता है, उसकी पार्षद रेहाना सुल्तान हैं। पार्षद प्रतिनिधि मो. जहीर ने खुद कुएं में सीवेज जाते हुए वीडियो बनाया था। वहीं, कांग्रेस विधायक अकील ने भी नगर निगम के इंजीनियरों को आड़े हाथों लेते हुए जमकर फटकार लगाई थी। खानूगांव में अब भी करीब 2 हजार लोग गंदा पानी पी रहे हैं। संक्रमण के चलते इन इलाकों में भूजल आधारित जल स्त्रोतों से जलप्रदाय बंद किया गया है। नगर निगम ने 6 जनवरी को शहर में कुल 250 इलाकों के जल नमूनों का परीक्षण किया था। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लोग बतौर सावधानी पानी उबालकर पी रहे हैं।
इस मामले में नगर निगम अफसरों का कहना है कि आदमपुर छावनी, बाजपेई नगर और खानूगांव क्षेत्र में भूजल आधारित जल स्त्रोतों से वाटर सप्लाई नहीं किया जा रहा है। इन इलाकों में लोग भूजल स्रोतों के पानी का इस्तेमाल न करें। पिछले एक हफ्ते से नगर निगम की टीम लगातार सैंपलिंग कर रही है। इस मामले को लेकर भोपाल के नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि हम पीने के पानी की शुद्धता को लेकर लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। जगह-जगह मैदानी अमला सैंपलिंग और जांच में जुटा हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे