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रांची, 08 जनवरी (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की ओर से पेसा नियमावली को लेकर दिये गए बयान को कांग्रेस प्रदेश कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने तथ्यहीन बताया है। उन्होंने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बाबूलाल पर पेसा नियमावली को लेकर आदिवासी समाज के बीच भ्रम, भय और अविश्वास फैलाने की सुनियोजित राजनीतिक साजिश करने आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग अपने लंबे शासनकाल में पेसा कानून लागू करने का साहस तक नहीं जुटा सके, वे आज उसी पेसा पर ज्ञान देने का ढोंग कर रहे हैं।
मुंजनी ने कहा कि गठबंधन सरकार स्पष्ट करना चाहती है कि पेसा नियमावली संविधान, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और उच्च न्यायालय की टिप्पणियों, व्यापक जन-परामर्श और सभी सांसदों-विधायकों के विमर्श के बाद तैयार की गई है। यह नियमावली आदिवासी स्वशासन को कमजोर नहीं, बल्कि उसे संवैधानिक मजबूती देती है। उन्होंने कहा कि संथाल समाज सहित 35 आदिवासी जातियों की आस्था और पूजा-पद्धति पर हमले का झूठा आरोप लगाना भाजपा और बाबूलाल मरांडी की पुरानी आदत रही है। यह कहना कि पेसा नियमावली आदिवासी विरोधी है, सरासर झूठ है। पहली बार ग्राम सभा को स्पष्ट कानूनी अधिकार, संरचना और प्रक्रिया दी गई है, ताकि पेसा केवल कागज़ों तक सीमित न रह जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak