नशे की लत परिवार और समाज पर डालती है गहरा प्रभाव : तौफीकुल
रामगढ़, 08 जनवरी (हि.स.)। जिले में गुरुवार को प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश मो तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन में डॉन अभियान के तहतनशे को ना, जिंदगी को हां विषय पर पदयात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) और झार
पदयात्रा में शामिल लोग


रामगढ़, 08 जनवरी (हि.स.)। जिले में गुरुवार को प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश मो तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन में डॉन अभियान के तहतनशे को ना, जिंदगी को हां विषय पर पदयात्रा निकाली गई।

कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के तत्वावधान में डॉन अभियान के तहत निकाली गई पदयात्रा व्यवहार न्यायालय से शुरू होकर भगवान बिरसा मुंडा चौक होते हुए राष्ट्र मार्ग 23 तक पहुंचा।

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि नशा हमारे समाज की एक जटिल समस्या बन चुकी है। जो दिन प्रतिदिन और गहरी होती जा रही है। यह न केवल एक व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी गहरा प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि नशा चाहे शराब, सिगरेट, ड्रग्स या डिजिटल हो व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है। बल्कि परिवार और समाज पर भी गहरा प्रभाव डालता है। नशे की लत व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोरी बनाकर उसे समाज से अलग-थलग कर देती है।

उन्‍होंने कहा कि नशा कई बीमारियों का कारण बन सकता है। मुंह पर कैंसर, लीवर फेल होना, फेफड़े और हृदय से संबंध बीमारियों जैसे गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकते हैं। नशा मुक्ति के लिए शिक्षा, जागरूकता और उचित मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकारी और गैर सरकारी संगठनों की सक्रिय भागीदारी से जन जागरूकता और सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश