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श्रीनगर, 08 जनवरी (हि.स.)। जल शक्ति, वन पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण एवं जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने दोहराया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वुलर झील का संरक्षण और संवर्धन बनी हुई है।
सिविल सचिवालय में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे झील के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने और इसके संसाधनों के सतत एवं विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक उपाय तैयार करें और उन्हें लागू करें। बैठक में वन पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण आयुक्त सचिव शीतल नंदा, कश्मीर के मुख्य वन संरक्षक इरफान रसूल वानी, डब्ल्यूयूसीएमए के सीईओ मंजूर कादरी, पीडब्ल्यूडी कश्मीर के मुख्य अभियंता नरिंदर कुमार, अधीक्षण अभियंता और संबंधित मंडल वन अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री ने पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में जल निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि वुलर झील जल शुद्धिकरण, बाढ़ नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने झील के दीर्घकालिक पारिस्थितिक स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। झील के आसपास सौंदर्यीकरण और भूदृश्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए, राणा ने समय पर निविदा जारी करने और क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि आवंटित धनराशि का कोई भी हिस्सा व्यर्थ न जाए और क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही के प्रति आगाह किया। प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए मंत्री ने झील और उसके जलग्रहण क्षेत्रों में जल की गुणवत्ता में सुधार और अपशिष्ट एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए अधिक प्रयास करने का आह्वान किया। वुलर झील को प्रवासी पक्षियों का सुरक्षित आश्रयस्थल बताते हुए राणा ने अवैध शिकार के खिलाफ कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को पक्षी प्रवास पर विस्तृत अध्ययन करने और जैव विविधता की रक्षा करते हुए पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया