जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में खनिज अधिकारी सेंगर पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
मंदसौर, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के मंदसौर कलेक्टर कार्यालय मंदसौर में गुरूवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विकास विभा
दिशा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पाटीदार ने कहा


मंदसौर, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के मंदसौर कलेक्टर कार्यालय मंदसौर में गुरूवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आबकारी विभाग, वन विभाग , महिला एवं बाल विकास विभाग, खनिज विभाग, जल निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, एमपीआरडीसी, एनएचएआई विभाग सहित 54 विभागों की समीक्षा की गई।

खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा पाटीदार ने मंदसौर जिले में नियम विरुद्ध खदान आवंटन का मुद्दा उठाया, जिला पंचायत अध्यक्ष ने तथ्यों सहित विषय रखते हुए कहा कि 134 करोड रुपए की वसूली लंबित होने के बावजूद एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को पुन: खदान आवंटित कर दी गई, जो नियमों के विरुद्ध है। खदान आवंटन में प्रभारी खनिज अधिकारी भावना सेंगर द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया गया है, जिला पंचायत अध्यक्ष ने कार्यालय कलेक्टर खनिज शाखा के एक पत्र का भी हवाला दिया जिसमें प्रभारी खनिज अधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया था कि एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर 134 करोड़ रुपए के अवैध खनन के प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जो की वरिष्ठ कार्यालय में प्रचलित हैं।

कंपनी पर उक्त राशि प्रस्तावित की गई है ना की अधिरोपित, जिला पंचायत अध्यक्ष ने आरटीआई में प्राप्त की गई एक जानकारी का हवाला देकर कहा कि एमकेसी कंपनी पर पेनल्टी लगने के बावजूद भी उन्हें फिर खदान आवंटित कर दी गई और तथ्यों को छुपाया जा रहा है खनिज अधिनियम 1996 के नियम 18 और 68 का जो हवाला दिया गया है उनका अध्ययन करने पर यह पाया गया कि प्रभारी खनिज अधिकारी सेंगर लगातार नियमों के विरुद्ध जाकर बड़े-बड़े ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का कार्य कर रही है, मध्य प्रदेश गौण खनिज अधिनियम 1996 के नियमों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है, जिसमें अधिकारियों द्वारा स्पष्ट रूप से भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है खनिज खदान आवंटन की जांच उच्च स्तरीय जांच कमेटी द्वारा किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

मुल्तानपुरा में अवैध खनन का मुद्दा भी उठाया

इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा मंदसौर शहर के नजदीक ही ग्राम मुल्तानपुरा में स्लेट पेंसिल की बंद पड़ी खदानों में अवैध खनन का मुद्दा भी जोर-जोर से उठाया गया, उक्त मुद्दे को उठाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि मुल्तानपुरा में बंद पड़ी स्लेट पेंसिल की खदानों में प्रतिदिन रात 11:00 से सुबह 5:00 तक अवैध खनन होता है। खनिज विभाग की संरक्षण में हो रहे इस अवैध खनन को रोकने के लिए कई बार विषय उठे, किंतु इन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई, साथ ही सामान्य व्यक्तियों को मुल्तानपुरा के निवासियों द्वारा इन खदानों के आसपास भी नहीं जाने दिया जाता एवं उन्हे धमकाकर भगा दिया जाता है। इस संबंध में पुलिस विभाग भी मुक दर्शक बना हुआ है।

अवैध खनन से प्राप्त की गई राशि का उपयोग असामाजिक गतिविधियों में संलग्न लोगों को संरक्षण प्रदान करने में किया जा रहा है, जो की कानून व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है। बैठक में मंदसौर जिले के सभी विधायक गण, जनपद पंचायत के अध्यक्ष, मनोनीत जनप्रतिनिधि सहित जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला वन मंडल अधिकारी एवं अन्य सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया