कोहरे की मार से विद्युत तंत्र फेल, आमजन परेशान
कोहरा पड़ते ही बिजली गुल, बिजली विभाग के पास नहीं स्थायी समाधान
कोहरे की मार से विद्युत तंत्र फेल, आमजन परेशान


जयपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। राजधानी में तेज सर्दी और कोहरे का दौर चल रहा है। कोहरे के चलते जयपुर शहर के आस-पास के ग्रामीण इलाकों में विद्युत तंत्र फेल होता नजर आ रहा है। देर रात से लेकर सुबह तक ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल रहती है। इसकों को लेकर कई बार ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गोनेर, दांतली, सिरोली, बूरथल, हिंगोनिया, कानडवास सहित अन्य आस-पास के गांवों में पिछले कुछ दिनों से देर रात से लेकर सुबह तक बिजली गुल रहती है। इसकों लेकर पावर ग्रिड से लेकर अधिकारियों तक को शिकायत की, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे स्थानीय लोगों को सुबह दूधध दुहने सहित अन्य जरुरी काम अंधेरे में करना पड़ रहा है। बूरथल निवासी शंकर लाल ने बताया कि कोहरा पडऩे के बाद से लगातार रोजाना देर रात बिजली चली जाती है जो कि सुबह देर तक नहीं आती है। जब कभी बिजली आती भी है तो बार-बार गुल होती रहती है। इससे चलते उसके नहाने से लेकर अन्य नित्य कर्म प्रभावित हो रहे है। कानड़वास निवासी सीताराम ने बताया कि वह गांव में गौ पालन का काम करता है। सुबह बिजली गुल रहने से वह गायों को चारा डालने, दुग्ध दुहने सहित अन्य काम अंधेरे में करना पड़ता है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

विभाग बारिश के दौरान विद्युत लाइन के पास से गुजर रहे पेड़ों की छंटनी करवाता है। वर्तमान में कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियों के बीच से बिजली की लाइन गुजर रही है। इसके चलते कोहरा पडऩे के साथ ही बिजली की लाइन में ट्रिपिंग की समस्या होने लग जाती है। इसके अलावा विद्युत तंत्र को अपग्रेड करने और मरम्मत के नाम से विभाग के अधिकारियों द्वारा खानापूर्ति की जाती है,इसका खामियाजा आमजन को विद्युत कटौती सहित अन्य समस्या से दो चार होना पड़ता है।

कनिष्ठ अभियंता, गोनेर सौरभ मीणा का कहना है कि मेरे इलाके मेंं कुछ फीडर की लम्बाई ज्यादा है और कोहरे के चलते तारों पर पानी गिरते ही ट्रिपिंग हो जाती है। इसके अलावा कुछ जगहों पर पेड़ों के बीच से भी विद्युत लाइन गुजर रही है जो कि समस्या उत्पन्न करती है। इसी वजह से देर रात ट्रिपिंग के चलते बिजली गुल हो जाती है जो कि सुबह मौसम साफ होने पर ही शुरू हो पाती है। फिलहाल हमारे पास इसका कोई स्थाई समाधान नहीं है। आमजन को परेशानी झेलनी ही पड़ेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश