ईपीएफओ के साथ पंजीकृत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ₹15000 दो किस्तों में होगा देय
मुरादाबाद, 07 जनवरी (हि.स.)। जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के प्रमुख नियोजकों एवं उद्योग, श्रम एवं सेवायोजन तथा भविष्य निधि संगठन के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना की समीक्षा बैठक की ग
कलेक्ट्रेट सभागार में  नियोजकों एवं उद्योग, श्रम एवं सेवायोजन तथा भविष्य निधि संगठन के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना की समीक्षा बैठक समपंन


मुरादाबाद, 07 जनवरी (हि.स.)। जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के प्रमुख नियोजकों एवं उद्योग, श्रम एवं सेवायोजन तथा भविष्य निधि संगठन के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना की समीक्षा बैठक की गयी।

बैठक में क्षेत्रीय आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि बरेली अनिल कुमार ने योजना की जानकारी एवं प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि योजना 01 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगार पर लागू होगी। योजना के दो भाग हैं। जिसके प्रथम भाग में ईपीएफओ के साथ पंजीकृत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को 15000 रूपये दो किस्तों में देय होगा। जिसकी प्रथम किस्त छह माह की सेवा पूर्ण करने पर तथा द्वितीय किस्त 12 माह की निरन्तर सेवा पूर्ण करने पर दी जायेगी।

इसी प्रकार योजना दूसरे भाग में नियोजकों को सहायता प्रदान की जायेगी। इस भाग में सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को शामिल किया जायेगा। नियोक्ताओं को 1 लाख रूपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के संबंध में प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार नियोक्ताओं को कम से कम छह माह तक निरन्तर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए 2 साल तक 3000 रूपये प्रतिमाह तक का प्रोत्साहन दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि जनपद मुरादाबाद में 900 से अधिक नियोजकों में 40 प्रतिशत नियोजकों ने अपना पंजीयन करा लिया है।

इस अवसर पर उपस्थित दी हैण्डीक्राप्ट एक्सपोर्टर्स एसोशिएसन के सचिव सत्यपाल ने सुझाव दिया कि योजना का ओर अधिक प्रचार-प्रसार किया जाये तथा उद्योगिक क्षेत्रों में योजना की होडिंस लगायी जाये। हेमेन्त जुनेजा ने योजना के पंजीयन की अवधि बढ़ाये जाने का अनुरोध किया। विवेकानन्द हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर के प्रतिनिधि अनुराग मिश्रा ने पंजीयन के समय आने वाली कठिनाईयों का उल्लेख किया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जनपद के अवशेष सभी संस्थानों का पंजीयन अविलम्ब करा लिया जाये, जिससे योजना का लाभ नियोजकों तथा कार्मिको को मिल सकें। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि साथ ही बड़े अस्पताल, होटल, मॉल, नर्सिग होमस तथा शैक्षिक संस्थानों का भी पंजीयन योजना के अन्तर्गत कराये जायें।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल