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शिमला, 07 जनवरी (हि.स.)। आधुनिक दौर में विश्वसनीय और सटीक डेटा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। डेटा के आधार पर लिए गए फैसले अधिक सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद होते हैं। यह बात उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बुधवार को शिमला में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान कही। यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा प्रायोजित सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण सहायता योजना के तहत आयोजित की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, सांख्यिकीय कार्यों में होने वाली देरी से बचना और डेटा संग्रह की प्रणाली को मजबूत करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के आर्थिक सलाहकार डॉ. विनोद राणा और अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला में अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि साक्ष्य आधारित निर्णय और सुशासन के लिए मजबूत सांख्यिकीय प्रणाली जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डेटा के समन्वय, संग्रह, विश्लेषण और प्रसार में सुधार लाकर राज्य की सांख्यिकीय व्यवस्था को और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का सही उपयोग करने और उन क्षेत्रों की पहचान करना जरूरी है, जहां नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है। कच्चे डेटा को उपयोगी जानकारी में बदलने से जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की सही तस्वीर सामने आती है और शासन के नतीजे बेहतर होते हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल ने कहा कि डेटा राज्य में एक मजबूत प्रशासनिक ढांचे के निर्माण के लिए नया ईंधन है, जिससे आम लोगों का जीवन आसान बनाया जा सकता है। वहीं आर्थिक सलाहकार डॉ. विनोद राणा ने कहा कि मजबूत डेटा तंत्र से आंकड़ों में देरी कम होती है और गुणवत्तापूर्ण व वास्तविक डेटा उपलब्ध होता है, जो बेहतर नीतियां बनाने में मदद करता है। उन्होंने जमीनी स्तर पर सांख्यिकीय क्षमता को मजबूत करने, डेटा की प्रामाणिकता और सत्यता बनाए रखने पर जोर दिया।
कार्यशाला में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन से जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा