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जम्मू 07 जनवरी (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक व अपमानजनक नारों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस घटना को राष्ट्र की सर्वोच्च सत्ता और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सीधा हमला करार दिया।
बाली भगत ने कहा कि जेएनयू एक बार फिर खुद को “भारत विरोधी राजनीति की प्रयोगशाला” के रूप में उजागर कर चुका है, जहां एक सीमित लेकिन मुखर समूह देश के नेतृत्व का खुलेआम अपमान करने को अपना अधिकार समझता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह न तो असहमति है, न बहस और न ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, बल्कि सुनियोजित उकसावा और वैचारिक तोड़फोड़ है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को निशाना बनाना 140 करोड़ भारतीयों की लोकतांत्रिक इच्छा का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही मानसिकता है जो लोकतंत्र को तभी स्वीकार करती है जब परिणाम उसके पक्ष में हों। भारत की प्रगति को पचा न पाने के कारण ऐसे तत्व गाली-गलौज, अराजकता और अव्यवस्था का सहारा लेते हैं।
बाली भगत ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि हल्की सजा से ऐसे कृत्य दोहराए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा