मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द होने पर उपमुख्यमंत्री ने भाजपा की आलोचना की, कहा भाजपा को खुशियां नहीं बल्कि ब्लैक डे मनाना चाहिए
कठुआ, 07 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चैधरी ने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द होने पर भाजपा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को खुशियां नहीं बल्कि ब्लैक डे मनाना चाहिए, क्योंकि इस मेडिकल कॉलेज के ब
The Deputy Chief Minister criticized the BJP for the cancellation of the medical college's recognition, saying the BJP should celebrate Black Day instead of celebrating.


कठुआ, 07 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चैधरी ने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द होने पर भाजपा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को खुशियां नहीं बल्कि ब्लैक डे मनाना चाहिए, क्योंकि इस मेडिकल कॉलेज के बंद होने से जम्मू संभाग के बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। यह मेडिकल कॉलेज माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधीन था और जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा स्थापित किया गया था।

बुधवार को मुख्यमंत्री की कठुआ जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में पहुंचे जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चैधरी ने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द होने पर भाजपा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को खुशियां नहीं बल्कि ब्लैक डे मनाना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी जम्मू की बर्बादी की जीत मना रही है। यह एक ऐसा मेडिकल कॉलेज था जो माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधीन था जो जम्मू कश्मीर की सरकार ने दिया था। लेकिन आज बीजेपी ने मेडिकल कॉलेज बंद करवाकर जम्मू संभाग के बच्चों का भविष्य अंधकार में डाला है जो बीजेपी आज खुशियां मना रही है इन्हें खुशियां नहीं बल्कि ब्लैक डे मानना चाहिए और आने वाली नस्ले बीजेपी को सवाल पूछेगी कि माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज क्यों बंद करवाया और बीजेपी को इसका जवाब देना पड़ेगा।

गौरतलब हो कि मान्यता रद्द होने के पीछे का कारण नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा किए गए निरीक्षण में पाई गई कमियां हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन ने पाया कि कॉलेज में बुनियादी ढांचे, फैकल्टी और क्लिनिकल संसाधनों की भारी कमी थी। इसके अलावा, एडमिशन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे, जहां 50 सीटों में से 42 मुस्लिम छात्रों को और 7 हिंदू छात्रों को सीटें मिली थीं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और छात्रों के भविष्य को कैसे सुरक्षित रखता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया