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भागलपुर, 07 जनवरी (हि.स.)।जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बुधवार को सबौर प्रखंड के राजंदीपुर और फरका पंचायत, सन्हौला प्रखंड के ताड़र पंचायत सहित कई कार्य स्थलों का भ्रमण कर वहां चल रहे किसानों का ई- केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन (एफ आर) कार्य का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने किसानों से बातचीत कर ई केवाईसी तथा एफ आर कार्य की गति का फीडबैक लिया। उल्लेखनीय है की बिहार के सभी प्रखंडों में, सभी पंचायतों में किसान सलाहकार, राजस्व कर्मचारी और कृषि संबंधवायक द्वारा प्रत्येक किसान का ई- केवाईसी और एफ आर किया जा रहा है।
ई- केवाईसी और एफआर पीएम-किसान सम्मान निधि और अन्य कृषि सेवाओं को सुचारू रूप से प्राप्त करने के लिए ज़रूरी हैं। जिसमें आधार प्रमाणीकरण के ज़रिए पहचान सत्यापन किया जाता है, जो अब मोबाइल ऐप या कियोस्क पर फेस ऑथेंटिकेशन या ओटीपी से घर बैठे भी किया जा सकता है। एफआर, आधार और भूमि रिकॉर्ड को जोड़कर एक डिजिटल डेटाबेस बनाता है, जिससे पारदर्शिता आती है और योजनाओं के वितरण में आसानी होती है। इसके लिए आधार और मोबाइल नंबर आवश्यक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर