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जयपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। सीकर रोड पर स्थित नीदंड आवासीय योजना में आठ दिवसीय श्रीराम कथा के साथ 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कथा से पूर्व बुधवार को कुकर खेड़ा अनाज मंडी से दोपहर 2 बजे विशाल कलश यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें करीब 11 हजार महिलाएं विशेष परिधान में सिर पर मंगल कलश धारण कर गाजे-बाजे के साथ श्रीराम कथा स्थल के लिए रवाना हुई। कलश यात्रा का विभिन्न जगहों पर पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।
श्रीराम कथा 8 जनवरी से प्रारंभ होगी और इसका समापन 16 जनवरी को किया जाएगा। श्रीराम कथा व 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ में लाखों किलो हवन सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। महायज्ञ के दौरान 11 हजार बच्चे एक साथ सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके अलावा प्रतिदिन दिन में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी आयोजित होगे। आयोजन के दौरान प्रतिदिन रात में अयोध्या से आई रामलीला मंडली द्वारा रामलीला का मंचन किया जाएगा। जिसके लिए अलग मंच और दर्शक व्यवस्था की जा रही है। यह आयोजन जगतगुरु रामभद्राचार्य के सानिध्य और मार्गदर्शन में होगा। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से श्री राम कथा का वाचन किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार इस दौरान एक करोड़ 51 लाख हनुमान नाम जप के माध्यम से विश्व शांति, मानव कल्याण और राष्ट्र उत्थान की कामना की जाएगी। आठ दिवसीय श्रीराम कथा व महायज्ञ में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े को भी निमंत्रण दिया गया है।
गौरतलब है कि महायज्ञ की तैयारियों को लेकर 14 दिसंबर को नींदड़ आवासीय योजना में भूमि पूजन किया गया था। भूमि पूजन कार्यक्रम में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी की मौजूदगी में 101 पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत अनुष्ठानों के साथ यज्ञ भूमि की स्थापना कराई थी। इस दौरान यज्ञ स्थल पर 115 फीट ऊंचे केसरिया ध्वज का भी पूजन किया गया था। इस आठ दिवसीय श्रीराम कथा व 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ में शामिल होने के लिए देश-विदेश से संत-महात्मा और यजमान जयपुर पहुंचेगे। इन्ही के साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु भी शामिल होंगे। यज्ञ स्थल पर श्रद्धालु और संत-महात्माओं के लिए बड़े-बड़े डोम तैयार किए जा चुके है। वहीं धार्मिक आयोजन में बाहर से आने वाले संत-महात्मा और श्रद्धालु के लिए ठहरने के लिए अस्थाई कमरे भी बनाए गए है। आयोजन समिति सदस्य अनिल संत ने बताया कि आयोजन स्थल पर 350×450 मीटर क्षेत्र में विशाल यज्ञशाला तैयार की गई है, जिसमें 1008 यज्ञकुंड बनाए गए है। इस महायज्ञ में 1451 वैदिक विद्वान पंडित मंत्रोच्चारण के साथ हवन कराएंगे। इसमें एक साथ 1008 परिवार यजमान के रूप में शामिल होंगे। महायज्ञ प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। महायज्ञ के दौरान लाखों श्रद्धालु यज्ञशाला की परिक्रमा भी करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए 200×500 साइज के 10 बड़े डोम तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें एक साथ करीब सवा लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। बाहर से आने वाले साधु-संतों के लिए 500 कमरे और यजमानों के ठहरने के लिए 1100 कमरे तैयार किए गए हैं।
आयोजन समिति के अनिल संत ने बताया किया कि इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए आसपास के गांवों से गाय का करीब 25 हजार लीटर घी एकत्रित किया गया है। जिसका उपयोग यज्ञ में आहुतियों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा करीब 75 हजार किलो कंडे, सवा लाख किलो हवन सामग्री समेंत लगभग 2 लाख किलो लकड़ी महायज्ञ के लिए जुटाई गई है। इस महायज्ञ में शामिल श्रद्धालुओं, यजमानों और संत-महात्माओं के लिए प्रतिदिन करीब 50 हजार लोगों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जाएगी। भोजन लकड़ी के चूल्हों पर सात्विक तरीके से तैयार किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। साथ ही 111 हलवाई पूरे 10 दिन तक साधु-संतों के आश्रम और आयोजन स्थल की भोजन व्यवस्था संभालेंगे।
इस श्रीराम कथा व हनुमान महायज्ञ को सफल बनाने के लिए रविनाथ कुंज आश्रम हरमाड़ा जयपुर के महंत योगी भावनाथ महाराज और हाथोज धाम पीठाधीश्वर बालमुकुंदाचार्य ने कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इसमें महायज्ञ को सफल बनाने के लिए सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता के साथ कार्यकर्ताओं को जुटे रहने के लिए निर्देशित किए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश