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फर्रुखाबाद,07 जनवरी (हि.स.)। गंगा तट पांचाल घाट पर दुर्वासा आश्रम के पीठाधीश्वर ईश्वर दास महाराज ने बुधवार काे फर्रुखाबाद के नाम को बदल कर पांचाल नगर करने की मांग उठाई ।
उन्होंने कहा कि फर्रुखाबाद की पौराणिक, ऐतिहासिक पहचान महाभारत से है और पांचाली का जन्म इसी जिले में हुआ है। इस वजह फर्रुखाबाद के नाम को बदलकर पांचाल नगर करना चाहिए । ईश्वर दास महाराज ने कहा कि प्रयागराज कुंभ के बाद दूसरे स्थान पर पांचाल घाट पर माघ मास में अर्ध कुंभ का आयोजन किया जाता है । उन्हें कुंभ में आने वाले साधु संतों को जिले का नाम फर्रुखाबाद बताने से शर्म लगती है । उन्होंने कहा कि उनकी सनातन संस्कृति और जिले की पहचान को बरकरार रखने के लिए फर्रुखाबाद जिले का नाम बदलकर पांचाल नगर रखना चाहिए । उन्होंने कहा कि राजा द्रुपद की राजधानी फर्रुखाबाद जिले के कस्बा कम्पिल में थी और कम्पिल में ही राजा द्रुपद की पुत्री द्रोपदी ने जन्म लिया था। कम्पिल उस समय पांचाल प्रदेश की राजधानी था। इसलिए द्रोपदी का नाम पांचाली रखा गया था। द्रोपदी के नाम से यहां पांचाल घाट है। जिसकी धरती पर आज लाखों की संख्या में संत महात्मा कल्प वाश कर रहे हैं । प्रयागराज के बाद यह सबसे बड़ा स्थान है। इस वजह से फर्रुखाबाद जिले का नाम बदलकर पांचाल नगर रखा जाए। जिससे हमारे जिले की पहचान और इतिहास जिंदा रह सके।
हिन्दुस्थान समाचार/chandrapal singh sengar
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar