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कानपुर, 07 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद के कंपनी बाग़ स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सागभाजी विज्ञान विभाग के केंद्र पर केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला की तरफ से गठित तीन सदस्यीय टीम ने सीएसए में आलू के लगे परीक्षणों का वैज्ञानिकों ने जाएज़ा लिया। इस दौरान कानपुर में हो रही आलू की खेती को जानकर वह काफी उत्साहित दिखे। यह जानकारी बुधवार को मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने दी।
मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने बताया कि केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम जिसमें डॉ केशव आर्य कानपुर, क्षेत्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मेरठ के डॉ आर के सिंह और कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के डॉ. सीएन राम की संयुक्त टीम ने केंद्र पर भ्रमण किया।
प्रभारी साग भाजी केंद्र कल्याणपुर डॉक्टर केशव आर्य ने अपने सभी स्टाफ डॉ. आरके पाल, डॉ. अजय कुमार यादव, डॉ. संजीव कुमार सचान, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, सूरज कटियार, राकेश सिंह व डॉ प्रांजुल सिंह के साथ वैज्ञानिकों की टीम को जाएज़ा दिलवाया। उन्होंने बताया कि इसमें फसल उत्पादन, फसल सुधार एवं फसल सुरक्षा से संबंधित परीक्षण का अध्ययन किया गया। वैज्ञानिकों ने फसल सुरक्षा में झुलसा रोग एवं फोमा रोग जिसे किसान अपनी भाषा में परपरा बोलते हैं का बारीकी से जाएज़ा लिया। साथ ही उपरोक्त रोगों के प्रबंधन के विषय में जानकारी दी।
जिसमें वैज्ञानिकों ने संस्तुत किया कि एजोक्सीस्तराबीन व टेबुकोनाजोल एक एमएल प्रति लीटर पानी के दर से छिड़काव करें। साथ ही फसल चक्र अपनाएं जो किसानों को रोग प्रबंधन में मददगार साबित होगा। टीम के सभी सदस्यों ने केंद्र पर लगे परीक्षण की सराहना की।
हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद