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- उज्जैन में 8 जनवरी से तीन दिवसीय राज्य स्तरीय युवा उत्सव आयोजन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ
उज्जैन, 06 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की धर्म और संस्कृति की नगरी उज्जैन एक बार फिर युवाओं के उत्साह और कलात्मक संगम की साक्षी बनने जा रही है। स्थानीय सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में आगामी 8 से 10 जनवरी तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय युवा उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का गरिमामय शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने मंगलवार को बताया कि विश्वविद्यालय को लगभग सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी करने का अवसर मिला है। इस बार का उत्सव विशेष है क्योंकि इसे युवाओं के लघु कुंभ के रूप में देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रदेश भर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह आयोजन जीवनभर की एक सुखद स्मृति बन जाए।
कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि उज्जैन की अतिथि देवो भवः की परंपरा से प्रदेश के कोने-कोने से आए विद्यार्थियों को परिचित कराना है। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल एक स्पर्धा होगी, बल्कि सीखने का एक बड़ा मंच भी बनेगा।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. एस. के. मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तीन दिवसीय उत्सव में मध्य प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से चयनित लगभग 800 प्रतिभाशाली विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रतिभागी कुल 22 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इन विधाओं में गायन, नृत्य, वाद-विवाद, नाटक और चित्रकला जैसी कई प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
प्रो. मिश्रा ने बताया कि संगीत विधा में शास्त्रीय गायन (सोलो), सुगम संगीत, और समूह गान,नृत्य विधा में लोक नृत्य और शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां,साहित्यिक विधा में वाद-विवाद, व्यक्तव्य कला, और प्रश्नोत्तरी,ललित कला में ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग, कोलाज मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, रंगोली और पोस्टर मेकिंग।प्रो. मिश्रा ने बताया कि सितम्बर 2025 में ही विश्वविद्यालय का नामकरण 'सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय' किया गया है। नए नाम के साथ विश्वविद्यालय के लिए यह पहला इतना बड़ा और भव्य आयोजन होगा। इससे पहले वर्ष 2006 और 2018 में यहाँ राज्य स्तरीय उत्सव आयोजित हुए थे, लेकिन इस बार का स्वरूप और भी व्यापक होने वाला है। पूर्व में इस उत्सव के लिए 8 से 10 दिसंबर की तिथियां निर्धारित की गई थीं।
प्रो. मिश्रा के अनुसार चूंकि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामय उपस्थिति सुनिश्चित करनी थी और इसे और अधिक भव्य रूप देना था, इसलिए आयोजन को जनवरी में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया।वर्तमान में विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समूचा परिसर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और युवाओं के जोश से सराबोर होने के लिए तैयार है। प्रो. मिश्रा ने कहा कि राज्य स्तरीय युवा उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों (मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और ग्वालियर-चंबल) के बीच सेतु का निर्माण करना है। 10 जनवरी को समापन समारोह में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जो आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर