Enter your Email Address to subscribe to our newsletters



इंदाैर, 06 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदाैर शहर में भागीरथपुरा जल त्रासदी को लेकर मंगलवार को इंदौर में सियासी संग्राम देखा गया। प्रशासन द्वारा धरना और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने बस्ती में दाखिल होने की कोशिश की। लंबी जद्दोजहद और तनावपूर्ण स्थिति के बाद पुलिस ने कांग्रेस के केवल 8 वरिष्ठ नेताओं को ही भागीरथपुरा की प्रभावित बस्ती में जाने की अनुमति दी।
कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इंदौर में दूषित पानी पीने से पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे ताे पहले से ही वहां माैजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें राेकने का प्रयास किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। सिंघार ने प्रशासन की रोक पर कड़ा ऐतराज जताया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्हाेंने कहा कि यह घटना स्पष्ट करती है कि प्रदेश सरकार सच्चाई और जवाबदेही से कितनी भयभीत है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रशासन ने सीमित संख्या में नेताओं को अंदर जाने दिया, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
इसके बाद जीतू पटवारी और उमंग कांग्रेस ने जहरीला पानी पीने से मृतक पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात कर उनके दर्द और त्रासदी को वीडियो माध्यम से सार्वजनिक किया। जीतू पटवारी ने कहा कि अत्यंत दुख और पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है कि सरकारी रिकॉर्ड में 17 लोगों की मौत दर्ज होने के बावजूद मात्र 4 पीड़ित परिवारों को ही दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। यह भाजपा सरकार की घोर असंवेदनशीलता, लापरवाही और भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण है। जिन निर्दोष नागरिकों की जान गई, उनकी पीड़ा को यह सरकार आंकड़ों में दबाने का प्रयास कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर की जनता ने वर्षों की मेहनत, अनुशासन और जागरूकता से शहर को स्वच्छता में देश का सिरमौर बनाया। आज उसी इंदौर को सरकारी लापरवाही के ज़हरीले पानी ने कलंकित किया है। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि संगठित सरकारी अपराध है। मां अहिल्या की न्याय नगरी में दूषित पानी से गई हर जान सरकारी हत्या का प्रमाण है। पीसीसी चीफ ने कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफ़ा देने और मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव से इंदौर की जनता से माफी मांगने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मन दुखी है यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और कुशासन का जीवंत प्रमाण है, जिसका खामियाज़ा आज निर्दोष जनता भुगत रही है। मुख्यमंत्री तत्काल दूषित पानी से प्रभावित सभी मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ, समुचित उपचार एवं हर संभव सहायता बिना किसी देरी के उपलब्ध कराए ! “मुख्यमंत्री से मेरी स्पष्ट और दृढ़ माँग है कि मृतकों के परिजनों को तत्काल एवं उचित मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए। भागीरथपुरा सहित इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के आँकड़े भाजपा सरकार दबा रही है।”
कांग्रेस पार्टी की माँगें —
* प्रत्येक मृतक के परिवार को न्यूनतम 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए
* इंदौर के महापौर पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मुकदमा चलाया जाए और तत्काल बर्खास्त किया जाए
* शिकायतों के बावजूद स्वच्छ पेयजल उपलब्ध न करवाने के दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो
* कैलाश विजयवर्गीय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल मंत्री पद से इस्तीफा दें
* प्रभारी मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री स्वयं राजवाड़ा में मां अहिल्या की प्रतिमा के समक्ष जनता से माफी माँगें
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे