कोरबा : महिला पंचायत सचिव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, सरपंच-पंच व ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, हटाने व जांच की मांग
कोरबा, 06 जनवरी (हि. स.)। जिले की ग्राम पंचायत सेमीपाली की महिला सचिव कविता साहू पर पद के दुरुपयोग, मनमानी कार्यशैली और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर सरपंच, पंचों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आज
महिला पंचायत सचिव


कोरबा, 06 जनवरी (हि. स.)। जिले की ग्राम पंचायत सेमीपाली की महिला सचिव कविता साहू पर पद के दुरुपयोग, मनमानी कार्यशैली और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर सरपंच, पंचों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आज मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को संयुक्त शिकायत पत्र सौंपा और सचिव को तत्काल हटाने के साथ उनके पूरे कार्यकाल की विस्तृत जांच कराने की मांग की।

शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि, सचिव कविता साहू पिछले करीब 12 वर्षों से एक ही पंचायत में पदस्थ हैं और इसी का लाभ उठाकर मनमाने ढंग से काम कर रही हैं। उन पर सरपंच के साथ मिलीभगत कर पंचायत कार्यों में अनियमितताएं करने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंचाई जाती, जिससे ग्रामीण योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि, पंचायत के नाम से विभिन्न विकास कार्यों के लिए राशि तो निकाली गई, लेकिन मौके पर काम या तो अधूरा है या फिर अपेक्षित स्तर का नहीं हुआ। पिछले वर्ष श्मशान घाट निर्माण और इस वर्ष सीसी रोड निर्माण के लिए राशि निकाले जाने का आरोप है, जबकि जमीनी स्तर पर पर्याप्त निर्माण कार्य नहीं हुआ। इसी तरह नाले से मिट्टी निकालकर तालाब के गहरीकरण का कार्य कराया गया, लेकिन मजदूरों को अब तक भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि गहरीकरण के नाम पर पूरी राशि निकाल ली गई और ऐसे मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान किया गया, जिन्होंने काम ही नहीं किया था।

ग्रामीण जीवन लाल साहू ने आरोप लगाया कि, सचिव अपनी पसंद के ठेकेदारों को ही काम देती हैं और कमीशनखोरी के चलते गांव के स्थानीय मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत में किसी भी कार्य को लेकर पंचों से सलाह नहीं ली जाती और सरपंच पर दबाव बनाकर निर्णय कराए जाते हैं।

इस मामले में ग्राम पंचायत सेमीपाली के सरपंच राजेंद्र सिंह कंवर ने भी स्वीकार किया कि, पिछले पांच वर्षों में पंचायत में सचिव की मिलीभगत से भ्रष्टाचार हुआ है और कई कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत कुल 11 बोर स्वीकृत थे, लेकिन सचिव की ओर से 8 बोर सेमीपाली और 3 बोर सूरज खुर्द में होने की जानकारी दी जा रही है, जबकि ग्रामीणों के अनुसार गांव में वास्तव में केवल 7 बोर ही लगे हैं। इस अंतर को लेकर भी कमीशन लेने के आरोप लगाए गए हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि, पंचायत सचिव द्वारा पिछले वर्ष का आय-व्यय का हिसाब नहीं दिया जा रहा है और जब ग्रामीण हिसाब मांगते हैं तो उन्हें धमकाया जाता है। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी