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कानपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद में आयोजित मंडलीय सरस मेला ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और हुनर का उत्सव बनकर उभर रहा है। चार से छह जनवरी तक चल रहे इस मेले में ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले के प्रथम एवं द्वितीय दिवस को ही लगभग चार लाख रुपये की बिक्री दर्ज की जा चुकी है। यह जानकारी सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने दी।
मेले में खाद्य उत्पादों में मिलेट्स के लड्डू, बेसन आदि की अच्छी मांग रही, जबकि गैर-खाद्य उत्पादों में कन्नौज का इत्र, हस्तशिल्प से जुड़े सामान और ऊनी वस्त्र खरीदारों की पहली पसंद बने। दिनभर स्टालों पर खरीदारों की भीड़ बनी रही और ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को सराहना मिली, जिससे आत्मनिर्भर भारत की भावना साकार होती दिखाई दी।
संध्या समय आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले के वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया। माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े विद्यालयों के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। एसएन सेन बालिका इंटर कॉलेज माल रोड की छात्राओं ने गणेश वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद बीएनएसडी शिक्षा निकेतन की बालिकाओं ने नारी सशक्तिकरण पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर महिलाओं के त्याग, संघर्ष और सशक्त भारत की तस्वीर मंच पर उतारी। जुहरी देवी इंटर कॉलेज की छात्रा आरोही गौतम ने ‘आरंभ है प्रचंड’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति दी। कक्षा दो की छात्रा कुमारी सान्वी द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव और कक्षा एक की छात्रा आकृति मौर्य के नृत्य ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी, आमजन और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने मेले के अंतिम दिवस को जनपद की जनता से अधिक संख्या में पहुंचकर ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप