Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

हरिद्वार, 05 जनवरी (हि.स.)। आईआईटी रुड़की के संयोजन और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के सहयोग से स्वास्थ्य और विकास पर पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश से विद्वान, नीति-निर्माता और अर्थशास्त्री शामिल हुए और “स्वास्थ्य और विकास में वैश्विक व्यवधान: चुनौतियां, नवाचार और इक्कीसवीं सदी के लिए मार्ग” विषय पर नीति-प्रासंगिक अनुसंधान पर चर्चा की गई।
सम्मेलन के संयोजक डॉ. प्रताप सी. मोहंती और सहसंयोजक डॉ. मनीष के. अस्थाना ने बताया कि सम्मेलन में स्वास्थ्य प्रणालियों की लचीलापन क्षमता, जलवायु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य, वित्तपोषण और जोखिम, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, प्रौद्योगिकी परिवर्तन तथा क्षेत्रीय असमानताओं पर विशेष ध्यान दिया गया। उद्घाटन सत्र को आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर वी. सी. श्रीवास्तव, एम्स ऋषिकेश के हृदय रोग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर भानु दुग्गल और आईआईटी रुड़की के मानविकी व सामाजिक विज्ञान विभाग की प्रोफेसर स्मिता झा ने संबोधित किया।
सम्मेलन के साथ “स्वास्थ्य और कल्याण में बड़े-पैमाने के डेटा विश्लेषण” विषय पर क्षमता-निर्माण कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने नवीन शोध विधियों और डेटा विश्लेषण तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नीति-निर्माण और स्वास्थ्य प्रणालियों के सुधार में अनुसंधान का प्रत्यक्ष योगदान सुनिश्चित करना बताया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला