जीआरपी ने 200 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर लौटाए
-दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए किया सम्मानित हरिद्वार, 06 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने राज्य स्तर पर समन्वित कार्रवाई करते हुए रेलवे यात्रियों के 200 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों क
जीआरपी, उत्तराखंड गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपते हुए अधिकारी।


-दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए किया सम्मानित

हरिद्वार, 06 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने राज्य स्तर पर समन्वित कार्रवाई करते हुए रेलवे यात्रियों के 200 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को लौटाए हैं। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 36 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस महानिरीक्षक,रेलवेज उत्तराखंड मुख्तार मोहसिन ने मंगलवार को पुलिस लाइन जीआरपी के निरीक्षण के उपरांत जीआरपी मुख्यालय,हरिद्वार में अपराध एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा बैठक और अधिकारी-कर्मचारी सम्मेलन की अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि राज्य के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से यात्रियों के मोबाइल गुम होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं,जिस पर आईजी रेलवेज के निर्देश पर जीआरपी एसओजी टीम और सभी थानों ने “एक इकाई” के रूप में कार्य करते हुए व्यापक अभियान चलाया।

इस अभियान के तहत सर्विलांस, सीईआईआर पोर्टल और मैन्युअल कार्रवाई के माध्यम से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा सहित देश के विभिन्न राज्यों से मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद मोबाइल फोन गोष्ठी के दौरान उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए।

मोबाइल वितरण कार्यक्रम के बाद जीआरपी के दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान आईजी रेलवेज ने अधिकारियों को यात्रियों,विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने,लंबित अभियोगों के शीघ्र निस्तारण,चोरी,लूट,चेन स्नैचिंग और जहरखुरानी जैसी घटनाओं के त्वरित अनावरण और बरामदगी प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रेनों में एस्कॉर्ट ड्यूटी को रोटेशन प्रणाली से लगाने, शराब पीकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई और मानव तस्करी की रोकथाम के लिए रेलवे स्टेशनों पर नियमित चेकिंग पर भी जोर दिया।

आईजी रेलवेज ने आगामी त्योहारों के मद्देनज़र बीडीएस और श्वान दल से सघन जांच,शिकायतों पर त्वरित एफआईआर,वारंटों की शत-प्रतिशत तामील,पोर्टलों को अद्यतन रखने और जीआरपी हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा,खोई संपत्ति की बरामदगी और रेलवे परिसरों में अपराध नियंत्रण जीआरपी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में राज्य भर में समन्वय के साथ और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार